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Nagpur

7 करोड़ 68 लाख की ठगी का पर्दाफाश, महिलाओं को कर्ज का झांसा देकर करोड़ों का खेल; मास्टरमाइंड मंदा गुमगावकर गिरफ्तार


नागपुर: नागपुर में महिलाओं को कर्ज दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। तहसील पुलिस ने इस मामले की मुख्य आरोपी मंदा गुमगावकर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर महिलाओं के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाने और उन खातों के जरिए करीब 7 करोड़ 68 लाख रुपये के लेन-देन का आरोप है। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया गया। फिलहाल आरोपी का एक साथी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

जानकारी के मुताबिक, मंदा गुमगावकर ने करीब 39 महिलाओं को सहकारी सोसायटी और बचत समूह से आसान ऋण दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए प्रत्येक महिला से दो-दो हजार रुपये, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लिए गए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर महिलाओं के नाम से एसवीसी को-ऑपरेटिव बैंक में खाते खोले गए और उनकी जानकारी के बिना करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि शांतिनगर क्षेत्र की एक महिला के नाम से भी बैंक खाता खोलकर करीब 17 लाख 85 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। तहसील और शांतिनगर पुलिस की संयुक्त जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में इन खातों के साइबर ठगी में 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल होने के संकेत मिले हैं। अदालत ने आरोपी मंदा गुमगावकर को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि फरार आरोपी शुभम की तलाश तेज कर दी गई है। मामले में पुलिस अब साइबर नेटवर्क और पूरे गिरोह की भूमिका की गहन जांच कर रही है।