नागपुर में 12th का फिजिक्स और केमिस्ट्री के पेपर लीक, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच; मंत्री भोयर बोले- आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
नागपुर: नागपुर में बारावी की बोर्ड परीक्षा के दो विषयों फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र लीक होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से महज कुछ समय पहले ही प्रश्नपत्र व्हॉट्सऐप ग्रुप पर वायरल हो गए। इस प्रकरण को राज्य का पहला मामला बताया जा रहा है। सदर पुलिस (Sadar Police) ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना पर शिक्षा राज्य मंत्री पंकज भोयर (Pankaj Bhoyar) ने मामले की गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इसी के साथ उन्होंने पेपर लिक के लये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने किन बात भी कही।
जानकारी के मुताबिक, 15 विद्यार्थियों का एक व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाया गया था, जिसमें फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले साझा किए गए। इस ग्रुप में दो विद्यार्थी सक्रिय रूप से शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर एक निजी कोचिंग से जुड़े शिक्षक के माध्यम से पेपर हासिल किया और उसे अन्य छात्रों तक पहुंचाया।
घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही मोबाइल पर उपलब्ध था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यार्थियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर किस स्रोत से लीक हुआ और कितने लोगों तक पहुंचा।
पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा-पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि पेपर लीक में किसी परीक्षा केंद्र या विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता तो नहीं है। वहीं शिक्षा विभाग ने भी मामले की आंतरिक जांच के संकेत दिए हैं। इस घटना ने बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
जिम्मेदारों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई- भोयर
पेपर लिक मामले पर जाँच के आदेश देते हुए पंकज भोयर ने कहा, "नागपुर में पेपर लीक की घटना सतर्क सुपरवाइज़र्स की वजह से सामने आई। परीक्षा के दौरान एक छात्रा वॉशरूम जाने के लिए बाहर गई, लेकिन 10 से 12 मिनट तक वापस नहीं लौटी। इस पर परीक्षा सुपरवाइज़र्स को शक हुआ और उन्होंने जांच की। जांच में पता चला कि प्रश्नपत्र एक व्हॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से साझा किया जा रहा था। इसके बाद एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तुरंत एक्शन लिया और पुलिस में केस दर्ज कराया गया।"
उन्होंने आगे कहा, "समाज में अच्छी और बुरी दोनों तरह की आदतें होती हैं, लेकिन गलत कामों पर रोक लगाने के लिए शिकायत दर्ज कराई गई है। स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट और होम डिपार्टमेंट उन सभी जगहों पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जहां ऐसी घटनाएं हुई हैं। साफ कहा गया है कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। चाहे कोई प्राइवेट कोचिंग क्लास हो, कोई निजी व्यक्ति हो या विभाग से जुड़ा कोई भी व्यक्ति—यदि कोई इस मामले में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।"
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