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Yavatmal

Yavatmal: कानून के लंबे हाथ: 3 दशक से चकमा दे रहा शातिर डकैत गिरफ्तार, उमरखेड़ DB टीम की 'स्ट्राइक'


यवतमाल: कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं, इसका सटीक उदाहरण उमरखेड़ पुलिस की डी.बी. (डिटेक्टिव ब्रांच) टीम ने पेश किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले भर में चलाए जा रहे फरार और वांछित आरोपियों के धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सन 1995 में अंजाम दी गई डकैती और जबरन चोरी के मामले में पिछले 30 सालों से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को पुलिस ने जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया।

10 मई 1995 की वह खौफनाक रात
घटना 10 मई 1995 की सुबह करीब 3:15 बजे की है। उमरखेड़ शहर के निवासी महेश शशिकांत डांगे (तत्कालीन आयु 19 वर्ष) के घर में अज्ञात लुटेरे जबरन घुसे थे। बदमाशों ने परिजनों के साथ बेरहमी से मारपीट की और घर से करीब ₹14,650 मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर उमरखेड़ पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 88/1995, धारा 392, 457 और 380 (आईपीसी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा
वारदात के बाद से ही आरोपी परेश रामा काले (निवासी कोली, तहसील हदगांव, जिला नांदेड़) अपनी पहचान छिपाकर लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। लंबे समय तक पेश न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट (Standing Warrant) जारी किया था और धारा 82 Cr.P.C. के तहत उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।

गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
थाना प्रभारी शंकर पांचाल के मार्गदर्शन में डी.बी. टीम के प्रमुख पुलिस उपनिरीक्षक शरद लोहकरे और उनकी टीम लगातार पुराने मामलों की छानबीन कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि तीन दशकों से फरार परेश काले उमरखेड़ इलाके में आया हुआ है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। कानूनी औपचारिकताओं के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया है।

इस टीम ने निभाई अहम भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, उपविभागीय पुलिस अधिकारी गुरव कायंदे-पाटील और पुलिस निरीक्षक शंकर पांचाल के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। कार्रवाई को सफल बनाने में पीएसआई शरद लोहकरे, एएसआई विजय पतंगे, हेड कॉन्स्टेबल प्रसन्नजीत भवरे, अतुल तागड़े, कॉन्स्टेबल दिगंबर गीते, संघशील टेंभरे, विष्णु राठौड़, निवृत्ति महालनर तथा चालक आकाश पवार ने सराहनीय भूमिका निभाई।