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Maharashtra

CM, उप मुख्यमंत्री ने की खरीफ की समीक्षा, किसानों को मुआवजा सहायता का वितरण 30 जून तक पूर्ण करने के दिए निर्देश


मुंबई: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निर्देश दिया है कि राज्य के किसानों और नागरिकों को प्राकृतिक आपदाओं और कृषि क्षति के लिए सहायता का वितरण 30 जून तक पूरा किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर मदद दी जाए। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को किसानों के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को खाद-बीज लिंक करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में राज्य में खरीफ का जायजा लिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव उपस्थित थे। 

शिंदे ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा किसानों की समृद्धि के लिए लिए गए निर्णयों को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को यूं ही नहीं छोड़ेगी, जिला कलेक्टर को बांस की खेती का रकबा बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को नये शोध पर जोर देना चाहिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उन तहसीलों और जिलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिये जहां बारिश 25 प्रतिशत से कम है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि फर्जी बीज कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आपदाओं के दौरान कृषि को होने वाले नुकसान की निगरानी के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए।

यूरिया व डीएपी सुरक्षित 

प्रमुख सचिव श्रीमती राधा ने बताया कि इस वर्ष, खरीफ की खेती का अनुमानित क्षेत्र 142.38 लाख हेक्टेयर होगा, जिसमें कपास की फसल के तहत 40.20 लाख हेक्टेयर, सोयाबीन की फसल के तहत 50.86 लाख हेक्टेयर, चावल की फसल के तहत 15.30 लाख हेक्टेयर, मक्का की फसल के तहत 9.80 लाख हेक्टेयर और 17.73 लाख हेक्टेयर क्षेत्र दलहनी फसल के अंतर्गत आएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 24.91 लाख किलो बीज उपलब्ध है तथा 1.50 लाख टन यूरिया एवं 25 हजार टन डीएपी उर्वरक सुरक्षित कर लिया गया है।