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Maharashtra

कौन कर रहा पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जाँच के दिए आदेश, कहा- ऐसे लोगों के खिलाफ करें कड़ी कार्रवाई


मुंबई: महाराष्ट्र में प्याज उत्पादक किसानों के आंदोलन और ईंधन की कथित किल्लत की अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार का रुख साफ कर दिया है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने जहाँ एक तरफ प्याज आंदोलन को लेकर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया, वहीं दूसरी तरफ ईंधन की जमाखोरी (ब्लैक मार्केटिंग) करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राज्य में पेट्रोल और डीजल की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सभी जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) को विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

ईंधन की मांग में अचानक भारी उछाल, जमाखोरी का शक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ईंधन की उपलब्धता और अचानक बढ़ी मांग के चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य में पेट्रोल की मांग में औसतन 23% और डीजल की मांग में 52% तक का अप्रत्याशित उछाल आया है। कुछ इलाकों में तो ईंधन की आपूर्ति 70% तक बढ़ानी पड़ी है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि प्राकृतिक नहीं है। सरकार को अंदेशा है कि कुछ जगहों पर इसकी जमाखोरी शुरू हो गई है। इसी के मद्देनजर आपूर्ति विभाग और गृह विभाग को संयुक्त रूप से छापेमारी और जांच की कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से पैदा हुआ डर, राज्य में पर्याप्त स्टॉक
नागरिकों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य में वर्तमान में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लेकिन सोशल मीडिया पर फैली कुछ अफवाहों और डर के कारण लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे कृत्रिम किल्लत (Artificial Scarcity) पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।"

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने-अपने जिलों में सतर्क रहें। कौन जमाखोरी कर रहा है और कौन अवैध रूप से अतिरिक्त ईंधन का भंडारण कर रहा है, इसका तुरंत पता लगाकर संबंधितों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

"प्याज काटने पर भी जिनके आंसू नहीं निकलते, वे..."
प्याज उत्पादक किसानों के आंदोलन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कुछ लोग सिर्फ अपना राजनीतिक फायदा उठाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्याज काटने के बाद भी जिनके आंखों में कभी आंसू नहीं आते, वे आज किसानों के नाम पर झूठे आंसू बहाने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे दिखाएं कि इससे पहले कभी किसी सरकार ने 15 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदने का फैसला लिया था क्या?

केंद्र ने बढ़ाए खरीद दाम, कल होगी महत्वपूर्ण बैठक
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने हाल ही में प्याज के खरीद मूल्य में करीब 3.5 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे अब यह दर लगभग 15 रुपये तक पहुंच गई है। बड़े पैमाने पर प्याज की सरकारी खरीद भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया, "राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने एक विशेष बैठक बुलाई है। यह महत्वपूर्ण बैठक कल शाम को होने जा रही है। इस बैठक में प्याज उत्पादक किसानों की समस्याओं के स्थायी और दीर्घकालिक समाधान (Long-term Solutions) खोजने पर गंभीर चर्चा होगी।"

एक्शन मोड में फडणवीस सरकार
प्याज आंदोलन, ईंधन की बढ़ती मांग और अफवाहों के इस माहौल के बीच महाराष्ट्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। एक तरफ जहां किसानों को राहत देने के लिए दिल्ली स्तर पर बातचीत का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के भीतर कानून-व्यवस्था और आपूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रशासनिक अमले को पूरी ताकत से मैदान में उतार दिया गया है।