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'आशीष देशमुख अंतरराष्ट्रीय नेता, उनपर क्या बोलू', भतीजे पर चाचा अनिल देशमुख ने कसा तंज


नागपुर: कांग्रेस (Congress) पार्टी से निकाले जाने के बाद आशीष देशमुख (Ashish Deshmukh) दोबारा काटोल विधानसभा क्षेत्र में एक्टिव हो गए हैं। जिसके बाद एक बार फिर चाचा-भतीजे के बीच राजनीतिक लड़ाई की चर्चा होने लगी है। इसी बीच चाचा अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने भतीजे पर तंजा कसा है। उन्होंने कहा कि, “मैं स्थानीय नेता हूँ और आशीष देशमुख अंतरराष्ट्रीय नेता हैं। इसलिए उस पर क्या बोलू?”

शुक्रवार को देशमुख ने नागपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता बुलाई थी। इस दौरान पत्रकरो ने एनसीपी नेता से आशीष देशमुख के दोबारा काटोल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा को लेकर सवाल पूछा। जिस पर जवाब देते हुए यह बात कही। देशमुख ने यह भी कहा कि, "उन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।"

2014 में चाचा को हराकर बने थे विधायक 

यह पहला मौका नहीं है जब अनिल देशमुख और आशीष देशमुख के बीच राजनीतिक और चुनावी लड़ाई होगी। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने आशीष को काटोल सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। जहां भतीजे ने अपने चाचा को बड़े मार्जिन से हराते हुए विधायक बने थे। हालांकि, बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए। वहीं 2019 में चाचा दोबारा चुनाव जीतकर विधायक बने। 

ओबीसी मुद्दे पर राहुल गांधी की निंदा करने पर पार्टी से निकाला 

कांग्रेस में शामिल होने के बाद आशीष को पार्टी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था, हालांकि, उन्हें इसबार हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें कांग्रेस प्रदेश महासचिव बनाया गया। लेकिन, पिछले कुछ समय से वह नाना पटोले के खिलाफ हमलावर हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए राहुल गांधी के बयान को लेकर भी देशमुख ने टिप्पणी करते हुए माफ़ी मांगने की बात कही थी। इसी को लेकर कांग्रेस ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया।