logo_banner
Breaking
  • ⁕ मिडल ईस्ट जंग का असर: नागपुर में गहराया गैस संकट! एजेंसियों पर उमड़ी सिलेंडर के लिए भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ राज्यसभा के लिए महाराष्ट्र से सातों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव, नागपुर से उम्मीदवार माया इवनाते भी बनीं सांसद ⁕
  • ⁕ 16 मार्च को चंद्रपुर मनपा की स्थायी समिति अध्यक्ष पद चुनाव ; संख्या बल से रोचक होगा मुकाबला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: विधायक राजू तोड़साम ने मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ कहे अपशब्द, पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत ⁕
  • ⁕ Buldhana: पत्नी का हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या; पति सहित चालक गिरफ्तार, पहले तीन बार जहर देकर मारने का भी किया प्रयास ⁕
  • ⁕ 9 मार्च से नई ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट पर रोक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी जानकारी ⁕
  • ⁕ Nagpur: जरीपटका क्षेत्र में खेत के कमरे से महिला की लाश बरामद, अर्धनग्न और सड़ी-गली हालत में मिला शव ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

Nagpur: नागपुर में फिर बना ग्रीन कॉरिडोर, IAF AN-32 विमान से ले जाया गया पुणे


नागपुर: पुणे के एआईसीटीएस अस्पताल में भर्ती सेना के एक जवान के लिए वायु सेना के एक विशेष विमान द्वारा नागपुर के वॉकहार्ट अस्पताल से एक जीवित हृदय को पुणे लाया गया। इसके लिए अस्पताल से एयरफोर्स बेस तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

नागपुर की शुभांगी मनीष ज्ञानारपवार (उम्र 31 वर्ष) का ब्रेन हैमरेज के कारण निधन होने के बाद, पति मनीष और भाई मनीष बोर्डकर ने उनका हृदय, किडनी, लीवर और फेफड़े दान करने का फैसला किया। तदनुसार, वॉकहार्ट में एक मरीज को किडनी और दूसरे को लीवर दिया गया। दूसरी किडनी एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक मरीज को दी गई। फेफड़ों को समय पर नहीं पहुंचाया जा सका।

जीवित हृदय पुणे के आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो थोरेसिक साइंसेज अस्पताल में भर्ती एक मरीज के लिए ले जाया गया था। भारतीय वायु सेना के विशेष AN32 विमान द्वारा जीवित हृदय पहुंचाया गया। इसी तरह, भारतीय वायु सेना की ओर से बुधवार को एक और जीवित हृदय को चंडीगढ़ से आर्मी अस्पताल दिल्ली पहुंचाया गया। भारतीय वायुसेना ने जानकारी दी है कि खराब मौसम और ओलावृष्टि के बीच वायुसेना ने इस मिशन को अंजाम दिया।

शुभांगी ज्ञानारपवार नागपुर के भाऊसाहेब मुलक आयुर्वेद कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थीं। 20 जुलाई को अचानक तेज सिरदर्द के कारण उन्हें क्रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 25 जुलाई तक इलाज चला। 25 जुलाई की रात शुभांगी को ब्रेन हैमरेज हुआ था। अस्पताल ने तुरंत विभागीय अंग प्रत्यारोपण समिति को सूचित किया।

मरीज को वॉकहार्ट में स्थानांतरित कर दिया गया क्योंकि क्रिम्स अस्पताल अंग दान के लिए पंजीकृत नहीं था। वहां अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। 2013 से जून 2023 तक यह 110वां अंगदान है। संयोजक दिनेश मंडपे ने बताया कि शुभांगी 2023 इस वर्ष की पंद्रहवीं दानदाता है।