logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

अगस्त महीना रहा सूखा, विदर्भ में 58 प्रतिशत कम बारिश; बारिश की कमी से संतरा, सोयाबीन और कपास पर संकट


नागपुर: विदर्भ में बारिश की लंबी बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त का महीना पूरे विदर्भ के लिए लगभग सूखा साबित हुआ, जहां सामान्य से 58 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। बारिश की कमी और लगातार बादलों के कारण संतरा, सोयाबीन, कपास और धान की फसल पर संकट गहराने लगा है।

विदर्भ में अगस्त महीने के दौरान बारिश की भारी कमी ने खरीफ सीजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 1 से 31 अगस्त 2026 के बीच विदर्भ में औसतन 297.1 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन सिर्फ 125.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी पूरे क्षेत्र में बारिश की करीब 58 फीसदी कमी रही।

जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अकोला में सबसे ज्यादा 84 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई। इसके बाद अमरावती में 82 फीसदी, यवतमाल में 78 फीसदी, वर्धा में 73 फीसदी, जबकि नागपुर और वाशिम में 71 फीसदी बारिश कम हुई। बुलढाणा में 61 और चंद्रपुर में 55 फीसदी कमी दर्ज की गई। गढ़चिरौली और गोंदिया की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही।

बारिश की कमी का सीधा असर फसलों पर दिखाई दे रहा है। नागपुर और अमरावती के संतरा उत्पादक क्षेत्रों में पिछले दो सप्ताह में 25 से 30 फीसदी तक फल और बौर गिरने की बात सामने आई है। लगातार बादल छाए रहने से फसलों में फंगल बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। समय पर बारिश नहीं हुई तो संतरे की फसल को और बड़ा नुकसान होने की आशंका है।

वहीं, पूर्व विदर्भ में धान की फसल पर तना छेदक कीट का प्रकोप बढ़ रहा है। गोंदिया में किसान फसल बचाने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। पश्चिम विदर्भ में मूंग, उड़द, सोयाबीन और कपास की फसलें भी पानी की कमी के कारण प्रभावित हो रही हैं।

बारिश की कमी का असर जलस्रोतों पर भी पड़ा है। 3 सितंबर 2026 तक विदर्भ के बांधों में करीब 62 फीसदी उपयोगी जलसाठा उपलब्ध है। नागपुर संभाग में 63.06 फीसदी और अमरावती संभाग में 63.04 फीसदी पानी बचा है।

हालांकि, अब किसानों को बारिश की उम्मीद जगी है। आज चंद्रपुर, गढ़चिरौली और गोंदिया में गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सप्ताह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश धीरे-धीरे जोर पकड़ सकती है।