डीजे बैन को लेकर भाजपा में दो फाड़! विधायक प्रवीण दटके ने निर्णय को बताया हिन्दू आस्था पर हमला; संदीप जोशी का पलटवार- किसी ने गोबर खाया तो....
नागपुर: उपराजधानी नागपुर में डीजे बैन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ जहां निर्णय का समर्थन किया जा रहा, वहीं दूसरी तरफ उतनी ही जोर से इसका विरोध भी जारी है। निर्णय को लेकर भारतीय जनता पार्टी में विवाद देखने को मिल रहा है। भाजपा के पूर्व और वर्तमान विधायक इस मुद्दे पर भीड़ गए हैं। मध्य नागपुर से विधायक प्रवीण दटके ने डीजे बैन करने के निर्णय को एक तरफा और हिन्दू आस्था पर हमला बताया। दटके ने कहा कि, केवल हिन्दू त्योहारो और उत्सव के दौरान ही इसकी याद क्यों आती है, वहीं दूसरे के उत्सवों के दौरान ऐसा निर्णय क्यों नहीं लिया जाता। वहीं दटके के आरोप पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बेहद करीबी और पूर्व विधायक संदीप जोशी ने जवाब दिया है। जोशी ने कहा कि, "यह केवल एक धर्म नहीं सभी के लिए है।" इसी के साथ यह भी कहा कि, "अगर कोई गोबर खायेगा तो हम भी गोबर खाएं ये जरुरी नहीं।"
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, बीते दिनों पुणे में पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने एक निर्णय निकाला, जिसमें उन्होंने तेज आवाज में डीजे बजाने और नियमों का उल्लंघन को लेकर नए नियम जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि, नियम के तहत अगर डीजे नहीं बजाए गए तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। वहीं नागपुर में भी उत्सवों के दौरान डीजे बैन की मांग शुरू हो गई। भाजपा नेता संदीप जोशी ने सबसे पहले यह मांग की और इसको लेकर उन्होंने ऑनलाइन मुहीम भी शुरू की। इसी मांग के बीच बुधवार तीन अगस्त को नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटिल ने एक अधिसूचना जारी की। जिसमें आयुक्त ने सभी प्रकार के तेज साउंड सिस्टम सहित उसके लिए बनाई जाने वाली गाड़ियों को प्रतिबंधित कर दिया।
एक नवंबर तक रहेगा बैन
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, बीते दिनों पुणे में पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने एक निर्णय निकाला, जिसमें उन्होंने तेज आवाज में डीजे बजाने और नियमों का उल्लंघन को लेकर नए नियम जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि, नियम के तहत अगर डीजे नहीं बजाए गए तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। वहीं नागपुर में भी उत्सवों के दौरान डीजे बैन की मांग शुरू हो गई। भाजपा नेता संदीप जोशी ने सबसे पहले यह मांग की और इसको लेकर उन्होंने ऑनलाइन मुहीम भी शुरू की। इसी मांग के बीच बुधवार तीन अगस्त को नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटिल ने एक अधिसूचना जारी की। जिसमें आयुक्त ने सभी प्रकार के तेज साउंड सिस्टम सहित उसके लिए बनाई जाने वाली गाड़ियों को प्रतिबंधित कर दिया।
एक नवंबर तक रहेगा बैन
जारी निर्णय के अनुसार, यह बैन तीन अगस्त रात 12 बजे से एक नवम्बर रात 12 बजे तक रहेगा। निर्णय की जानकारी देते हुए आयुक्त ने कहा कि, कानफोड़ू और मल्टीलेयर साउंड सिस्टम लगाने को लेकर अक्सर उत्सव मंडलों के कार्यकर्ताओं, राजनीतिक संगठनों और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद व तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा, ऐसे सिस्टम 'पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986' और 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000' में निर्धारित डेसिबल सीमाओं का खुला उल्लंघन करते हैं, जिसकी आम नागरिकों और मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। साथ ही, स्पीकर लादने के लिए वाहनों में गैरकानूनी बदलाव (Modification) किए जाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा भी बना रहता है।
निर्णय पर भाजपा में दो मत
वहीं इस निर्णय को लेकर सत्ताधारी भाजपा में दो मत दिखाई दिए। मध्य नागपुर विधायक प्रवीण दटके ने निर्णय का विरोध करते हुए इसे हिन्दू आस्था पर हमला बताया। दटके ने कहा कि, "डीजे बैन करने का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन यह निर्णय हिन्दू उत्सवों के दौरान क्यों लिया गया। पहले क्यों नहीं लिया गया। जैसे ही हिन्दू त्योहार आए, वहीं ही बैन करने का निर्णय ले किया। इसके पहले दूसरे धर्मों और जातियों के त्योहार हुए, उस समय डीजे पर पाबन्दी लगाने या डेसिमल का मुद्दा क्यों नहीं निकाला गया।"
नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटिल पर हिन्दू आस्था पर हमला बताते हुए दटके ने कहा कि, "आयुक्त की नींद अभी क्यों खुली। हिन्दुओं आस्था के दौरान अधिसूचना, लेकिन अन्य धर्मो के त्योहारो पर कुछ नहीं। अगर उन्हें यह निकाला था तो एक जनवरी को क्यों नहीं निकाला, अभी क्यों निकाला।" उन्होंने आगे कहा, "केवल हिन्दू त्योहारो को परेशान करने के लिए पुलिस आयुक्त और प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।" दटके ने सभी के लिए सामान निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि, अगर केबल हिन्दुओ के त्योहारो के लिए निर्णय लिया जाएगा तो स्वीकार नहीं।"
निर्णय पर भाजपा में दो मत
वहीं इस निर्णय को लेकर सत्ताधारी भाजपा में दो मत दिखाई दिए। मध्य नागपुर विधायक प्रवीण दटके ने निर्णय का विरोध करते हुए इसे हिन्दू आस्था पर हमला बताया। दटके ने कहा कि, "डीजे बैन करने का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन यह निर्णय हिन्दू उत्सवों के दौरान क्यों लिया गया। पहले क्यों नहीं लिया गया। जैसे ही हिन्दू त्योहार आए, वहीं ही बैन करने का निर्णय ले किया। इसके पहले दूसरे धर्मों और जातियों के त्योहार हुए, उस समय डीजे पर पाबन्दी लगाने या डेसिमल का मुद्दा क्यों नहीं निकाला गया।"
नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटिल पर हिन्दू आस्था पर हमला बताते हुए दटके ने कहा कि, "आयुक्त की नींद अभी क्यों खुली। हिन्दुओं आस्था के दौरान अधिसूचना, लेकिन अन्य धर्मो के त्योहारो पर कुछ नहीं। अगर उन्हें यह निकाला था तो एक जनवरी को क्यों नहीं निकाला, अभी क्यों निकाला।" उन्होंने आगे कहा, "केवल हिन्दू त्योहारो को परेशान करने के लिए पुलिस आयुक्त और प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।" दटके ने सभी के लिए सामान निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि, अगर केबल हिन्दुओ के त्योहारो के लिए निर्णय लिया जाएगा तो स्वीकार नहीं।"
संदीप जोशी ने दटके को दिया जवाब
भाजपा विधायक दटके के लगाए आरोप पर पूर्व विधायक संदीप जोशी ने जवाब दिया। जोशी ने कहा कि, "यह निर्णय किसी धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि, पुलिस आयुक्त के पास केवल 60 दिनों का अधिकार है, उसके अनुरूप उन्होंने निर्णय लिया। जैसे ही वह दिन पुरे होंगे उसके बाद आगे फिर वही निर्णय लागू होगा। जिससे सभी पर यह समान लागू होगा।" जोशी ने उदहारण देते हुए आगे कहा कि, "अगर कोई गोबर खाएगा तो हम भी गोबर खाएंगे ऐसा जरुरी नहीं।" हालांकि, जोशी ने यह भी कहा कि, दटके उनके नेता है और उन्होंने अपने विवेक के अनुसार, बात रखी है।
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