MPSC परीक्षार्थियों को बड़ी राहत, अब मुंबई जाकर पेपर देने की जरुरत नहीं; नागपुर शहर चार शहरों में बनाए केंद्र
नागपुर/मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विदर्भ और मराठवाड़ा के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आयोग ने परीक्षा केंद्रों का विस्तार करते हुए अब नागपुर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे में भी परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इससे इन क्षेत्रों के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए मुंबई जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
दरअसल, MPSC ने विभिन्न विज्ञापनों के तहत प्रोफेसर स्तर के पदों पर भर्ती के लिए करीब 42 विषयों की स्क्रीनिंग परीक्षाएं आयोजित करने की घोषणा की थी। शुरुआत में इन परीक्षाओं के लिए प्रमुख रूप से मुंबई में ही केंद्र निर्धारित किए गए थे। इसके चलते विदर्भ और मराठवाड़ा के अभ्यर्थियों को महज करीब एक घंटे की परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय कर मुंबई जाना पड़ता था। इससे उन्हें यात्रा, रहने और खाने-पीने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था।
विदर्भ-मराठवाड़ा के अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा फायदा
मुंबई में परीक्षा केंद्र होने से भंडारा, गोंदिया, गडचिरोली, चंद्रपुर समेत विदर्भ के अन्य जिलों के अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बारिश के मौसम में लंबी दूरी की यात्रा की वजह से परेशानी और बढ़ जाती थी। अब नागपुर और अमरावती में केंद्र उपलब्ध होने से विदर्भ के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं छत्रपति संभाजीनगर में केंद्र मिलने से मराठवाड़ा के विद्यार्थियों को फायदा होगा।
6 जुलाई को मुख्यमंत्री से की गई थी मांग
परीक्षा केंद्र बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के छात्र प्रकोष्ठ की ओर से 6 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन दिया गया था। छात्र प्रकोष्ठ के संयोजक शांतनु झाड़े के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए विशेष रूप से नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में परीक्षा केंद्र शुरू करने की मांग रखी थी। यह मांग BJYM अध्यक्ष सचिन करारे के मार्गदर्शन में रखी गई थी। इसके बाद BJYM के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने भी इस मांग को लेकर आगे पहल की।
यात्रा खर्च और मानसिक दबाव होगा कम
MPSC के इस फैसले का अभ्यर्थियों ने स्वागत किया है। नए केंद्रों के कारण विद्यार्थियों को लंबी दूरी की यात्रा से राहत मिलेगी और समय, यात्रा खर्च तथा मानसिक तनाव भी कम होगा। खासकर ऐसे अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, जिन्हें पहले सिर्फ एक घंटे की परीक्षा के लिए मुंबई तक का सफर करना पड़ता था।
MPSC का यह निर्णय परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और क्षेत्रीय स्तर पर सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब विदर्भ और मराठवाड़ा के अभ्यर्थी अपने नजदीकी शहरों में परीक्षा देकर प्रतियोगिता में शामिल हो सकेंगे।
admin
News Admin