कामठी में तेंदुए का आतंक, दो दिनों में दो जानवरो का किया शिकार; नागरिकों में भय का माहौल
नागपुर: नागपुर जिले के कामठी तहसील के बिना संगम इलाके में तेंदुए की बढ़ती आवाजाही से दहशत का माहौल है। पिछले दो दिनों में तेंदुए ने दो बछड़ों का शिकार किया है। इंसानी बस्ती के पास तेंदुए की मौजूदगी से किसानों और पशुपालकों में डर बढ़ गया है।
कामठी तहसील के बिना संगम इलाके में तेंदुए की बढ़ती आवाजाही ने किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो दिनों में तेंदुए ने दो बछड़ों का शिकार किया है। बिना संगम निवासी विजय भडंग का गांव से सटे खेत में पशुओं का बाड़ा है। यहां गायों के साथ दो बछड़े भी बांधे गए थे। शनिवार आधी रात के करीब तेंदुआ दबे पांव बाड़े में घुसा और एक बछड़े पर हमला कर दिया। इसके बाद दूसरे बछड़े पर भी झपटने की जानकारी सामने आई है।
सुबह खेत पहुंचने पर मृत बछड़े के पास तेंदुए के अवशेष पाए गए। घटनास्थल पर तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले। इसके बाद वन विभाग को तत्काल जानकारी दी गई। खापा वन क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा तैयार कर तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और उसके आवागमन का पता लगाने का काम शुरू किया गया है।
तेंदुए के लगातार पशुओं पर हमला करने और इंसानी बस्ती के करीब पहुंचने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। किसानों को रात के समय खेतों में जाने में भी डर लग रहा है। खासकर छोटे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी वन विभाग को देने के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
नागरिकों ने तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त बढ़ाने, कैमरे लगाने और जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। दो दिनों में दो बछड़ों के शिकार से पशुपालकों को बड़ा नुकसान हुआ है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि तेंदुआ अगला शिकार किसी जानवर का नहीं, बल्कि इंसान का न बने, इसके लिए वन विभाग तत्काल ठोस कदम उठाए।
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