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Nagpur

बैलगाड आयोजन: DCM फडणवीस बोले- हमारी सरकार के लिए निर्णय का परिणाम, केदार का जवाब- श्रेया से कर्तव्य निभाना ज्यादा अच्छा


नागपुर: सर्वोच्च न्यायालय ने बैलगाड पर बड़ा निर्णय दिया है। इसके तहत अदालत ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा बैलगाड कार्यक्रम के आयोजन को लेकर तैयार किये गए नियमों को सही माना है। वहीं अब इसको लेकर श्रेया लेने की होड़ शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी अगुवाई वाली पिछली सरकार के लिए निर्णय का परिणाम बताया है। वहीं फडणवीस के इस बयान पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुनील केदार ने जवाब देते हुए कहा, “मीडिया को सब पता है मैंने इसको लेकर क्या काम किया है। एक किसान का बेटा होने के नाते मुझे यह ज्यादा ख़ुशी है की किसानों को न्याय दिलाने के लिए मैंने काम किया।”

नागपुर आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए सुनील केदार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर ख़ुशी जताई। उन्होंने कहा, "मीडिया को पता है मैंने किया है। वर्तमान में कोई भी चीज किसी से छिपाई नहीं जा सकती है। यहां सभी चीजें रिकॉर्ड होती है। इस विभाग का मंत्री रहते मैंने कब बैठक की। दिल्ली जाकर इसको लेकर दस्तावेज दिए की नहीं? पिछले दिनों हमें समर्थन मिला था उस समय भी मीडिया ने इसको लेकर सवाल किया था और मैंने जवाब दिया है।" 

उन्होंने आगे कहा, “किसने क्या किया और क्यों किया इससे ज्यादा मैंने क्या किया इस पर ज्यादा महत्व देता हूँ। एक किसान परिवार से होने के नाते मैंने अपने विभाग से किसान को न्याय दिलाने के लिए काम किया है।”

श्रेया लेने के सवाल पर केदार ने कहा, "मुझे इसका श्रेया नहीं चाहिए। क्योंकि, यह मेरा कर्तव्य है। एक किसान परिवार होने के नाते मुझे श्रेया लेने से ज्यादा मेरा कर्तव्य निभाना ज्यादा महत्वपूर्ण था। हम राजनेताओं को श्रेया लेने से ज्यादा कर्तव्य पर ध्यान दिया तो इस देश को ज्यादा तेजी से आगे ले जा सकते हैं।

क्या कहा था फडणवीस ने?

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उपमुख्यमंत्री ने उनकी अगुवाई वाली सरकार के लिए निर्णय का परिणाम बताया था। उन्होंने कहा था कि, "पिछली सरकार में उन्होंने जो कानून बनाया और उनकी द्वारा निर्मित समिति ने जो काम किया उसी का परिणाम है कि, आज सुप्रीम कोर्ट ने बैलगाड के निर्मित नियमों को सही माना और अपनी मंजूरी दी।