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Nagpur: कांग्रेस विधायकों को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत, विकास कार्यो पर लगाई रोक को हटाने का दिया आदेश 


नागपुर: कांग्रेस विधायकों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद अच्छा रहा। विकास कार्यो में लगाई रोक के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ (Nagpur High Court) ने शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadanvis Government) को जारी कार्यादेशों को 'जैसे हैं वैसे ही' रखने का आदेश दिया है। इसी के साथ अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 16 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है। 

ज्ञात हो कि, पूर्व मंत्री विजय वडेट्टीवार (Vijay Vadettiwar), सुनील केदार (Sunil Kedar) और विधायक सुभाष धोटे (Shubhash Dhote) ने राज्य सरकार के खिलाफ अदालत में याचिका लगाई थी। अपनी याचिका में विधायकों ने दावा किया था कि राज्य सरकार ने जानबूझकर सावनेर, ब्रह्मपुरी और राजुरा विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को बाधित किया है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रोहित देव और न्यायमूर्ति वाई जी खोबरागड़े की पीठ ने आज यह आदेश जारी किया है। 

बिना अनुमति के निविदा न हो निरस्त 

बॉम्बे हाईकोर्ट और औरंगाबाद बेंच द्वारा पारित आदेशों के अधीन, याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने राज्य सरकार को विकास कार्यों के संबंध में जारी कार्यादेशों को यथावत रखने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि इस दौरान जारी किए गए टेंडर और बोली लगाने वालों से प्राप्त टेंडर को कोर्ट की अनुमति के बिना रद्द नहीं किया जाना चाहिए।

विधायकों ने किया कहा था याचिका में?

केदार की याचिका के अनुसार, महा विकास अघाड़ी सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में राज्य भर में विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दी थी। उसके तहत सावनेर विधानसभा क्षेत्र में 19 कार्यों को भी स्वीकृति दी गई। इनमें से दो विकास कार्यों को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है और एक विकास कार्य को वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। ये तीनों प्रोजेक्ट करीब 95 लाख रुपये के थे।

सावनेर क्षेत्र के लिए विभिन्न सरकारी विभागों ने भी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। लेकिन 2022 में राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ और महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई। इसलिए सुनील केदार ने याचिका में दावा किया है कि नई शिंदे सरकार ने सावनेर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर रोक लगा दी है। याचिका में विजय वड्डेटीवार, सुभाष धोटे ने दावा किया है कि ब्रह्मपुरी और राजुरा विधानसभा क्षेत्रों में इसी तरह से विकास कार्यों को रोक दिया गया है।