logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

डब्लूसीएल की खदान में ब्लास्ट,11 कर्मचारी गंभीर रूप से ज़ख़्मी


नागपुर: नागपुर जिले के खापरखेड़ा में स्थित  wcl की सिल्लेवाड़ा कोयला खदान के सीम-2 के सेक्शन-6 में  कोयला निकालने के दौरान ही बड़ा हादसा हुआ है। अचानक से एअर स्टोनिंग ब्लास्ट होने से वहां कार्यरत 11 कर्मचारी  घायल हो गए.  घायलों में  सेक्शन इंचार्ज अनिल बोबडे, अनिल बडोले,अनिल सिंह, मनोज गुप्ता, कुलदीप उइके,विलास मुले, किशोर घेर, योगेश सहारे, महिपाल रामटेके, राजू शामराव , रामचंद पाल सहित अन्य सभी मजदूर शामिल हुए हैं. मंगलवार की दोपहर सिल्लेवाडा कोयला खदान  में हमेशा की तरह कोयला निकासी का काम किया जा रहा था.तभी  इस हादसे के बाद वहां अफरा तफरी मच गई।     
 इस घटना के बाद wcl प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया और तत्काल घायल कर्मचारियों को बाहर निकाला और wcl के वलनी के अस्पताल में पहुंचाया गया। वहां सभी का इलाज किया गया। लेकिन इस हादसे में 6 कर्मचारियों को गहरे ज़ख्म थे. जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि खदान में कोयला निकासी  के बाद उस स्थान को रेत से भरकर या दीवार बनाकर पूरी तरह से बंद करना आवश्यक है। क्योंकि उस जगह  हवा और गैस इकट्ठा हो जातीहै।  इस गैस में फास्फोरस होता है, इसलिए  हवा में ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर आग लग जाती है। हादसे की वजह इसी को माना जा रहा है.खदान में एक महीने पहले कोयला खत्म हो गया था। लेकिन wcl ने उस खदान को पूरी तरह से बंद नहीं किया। जिससे  गैसें हवा में मौजूद ऑक्सीजन के संपर्क में आईं  और ये विस्फोट हुआ। इसी खदान में अब तक ऐसी तीन घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन उसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है।