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Nagpur

ज्यादा लाभ का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने सात आरोपियों को किया गिरफ्तार


नागपुर: सोशल मीडिया के माध्यम से कम समय में ज्यादा लाभ का लालच देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ राणाप्रताप पुलिस ने किया है। इस मामले 58,36,525 रुपये सहित दो नोट गिननेवाली मशीन और छह मोबाइल भी बरामद किया है। आरोपियों की पहचान रोहित पटेल, अर्जुन चंदूभा राठौड़ ( 23), घरेंद्र अकोबा वाला ( 21, गांव सिम्बर, तहसील ऊना, जिला गिरसोमनाथ, गुजरात) नीलेश कुमार मनुप्रसाद दवे (36, धर्मोदा तहसील चांदसामा, जिला पाटन, गुजरात), विष्णुभाई किशनदास पटेल (58, कहोड़ा, तालुका उमजा, जिला पाटन, गुजरात) वीरम सिंह जयवंत सिंह राठौड़ (25, सिमर, सूर्यकुंड दरबार रोड, टा उन्ना, जिला सोमनाथ), विक्रम सिंह धनाजी वाघेला (21, गांव बसई, तहसील चांसमा, जिला पाटन, गुजरात) जोरूबा जेलुसी वाघेला (51, वसई, चानसामा जिला पाटन, गुजरात) के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपी वर्धमान नगर स्थित गायत्री अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहकर ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी की इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरवरी 2023 में फरियादी साहिल चव्हाण ने इंस्टाग्राम के विक्रांत एक्सचेंज नामक पेज पर एक विज्ञापन देखा। इस विज्ञापन के अनुसार   निवेश करने पर 3 दिन में ही 3% ब्याज के साथ पैसे वापस मिलने का झांसा दिया गया था। साहिल एक फार्मा कंपनी में काम करता था। तब उसने अपने दोस्त शुभम कालबांडे से इस विज्ञापन के बारे में चर्चा की और इन दोनों ने तब ऑनलाइन करीब 11 लाख रुपए भी निवेश किए। कुछ दिनों तक आरोपियों ने अच्छा रिटर्न दिया, लेकिन बाद में आना कानि करने लगे। वहीं जब युवको ने अपने पैसे मांगे तो विक्रांत एक्सचेंज की ओर से एक अज्ञात आरोपी ने बताया कि तुम कंपनी में दोबारा निवेश करो नहीं तो तुम्हारे निवेश किये हुए सारे पैसे भी डूब जाएंगे। तब धोखाधड़ी होने की बात का पता चलते ही फरियादी ने इसकी शिकायत प्रतापनगर पुलिस से की। 

जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ा 

धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर पुलिस ने अपनी जांच शुरू की। जिन नंबरों से फोन आए थे उनके लोकेशन खंगाले गए। इसी के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और रकम देने का झांसा देकर कुछ आरोपियों को मिलने बुलाया गया। पैसे देने की बात सुनकर आरोपी झांसे में आगए। तय प्लान के तहत पुलिस कर्मी युवको के साथ क्वेटा कॉलनी में पहुंचे जहां दो युवक पैसे लेने के लिए खड़े थे। 

इसके बाद एक और युवक वहां पहुंचा जहां पुलिस ने तीनों ने को पकड़ा लिया। पूछताछ में तीनों ने पूरी बात बताई। पकडे आरोपियों की निशानदेही पर डीसीपी जोन-1 और जोन-3 के अधिकारीयों ने ने राणाप्रतापनगर पुलिस के साथ मिलकर क्वेटा कॉलोनी स्थित फ्लैट पर छापा मारा। जहां कई आरोपी नोट गिनने वाली मशीन से पैसे गिनते दिखाई दिए। इतनी मोटी रकम देखकर पुलिस भी चौंक गई, इसके बाद सभी को हिरासत में लिया गया गया।

मास्टरमाइंड की खोज जारी

पकड़े गए 8 आरोपियों में से 3 फ्लैट में हाउसकीपिंग आदि काम करते हैं। अन्य 5 रैकेट के मास्टर माइंड के लिए काम कर रहे थे। आर्थिक लेन-देन मुरे गृह उद्योग और विक्रांत एक्सचेंज इंड नाम के खाते से हो रहा था, इसीलिए पुलिस दोनों ही खाता धारकों का पता लगा रही है। रविवार को बैंक बंद होने के कारण पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। प्राथमिक जांच में हवाला की ही जानकारी सामने आई है। पुलिस ने बैंकों को पत्र लिखकर सभी लेन-देन की जानकारी मांगी है। जल्द ही रैकेट के सरगना भी पुलिस के हाथ लग जाएंगे।

क्रिकेट सट्टा मुख्या धंधा 

मिली जानकारी के अनुसार, विक्रांत एक्सचेंज का मुख्य धंधा क्रिकेट बेटिंग है और यह पूरा काम  क्वेटा कॉलोनी स्थित फ्लैट से किया जाता था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए इसका प्रचार करते थे। वहीं सट्टा खेलने वालों को पैसे लेकर आईडी दी जाती है, जिसके जरिये वे क्रिकेट मैच पर बेटिंग करते। पिछले 9 महीनों से नागपुर शहर में ये काम कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, अन्य शहरों में भी आरोपी ने ऐसे कार्यालय खोल कर रखे हुए हैं।