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2007 में हुई फ्लैट बिक्री में धोखाधड़ी की शिकायत 2023 में दर्ज,पुलिस ने शुरू की जाँच


नागपुर: 2007 में फ्लैट बिक्री में हुई धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में 15 साल के बाद मामला दर्ज हुआ है.यह मामला लकड़गंज पुलिस थाने में दर्ज हुआ है जिस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है.पुलिस में दर्ज हुई शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने दो ऐसे फ्लैट जिनकी बिक्री प्रक्रिया पूरी नहीं हुई उस पर 1 करोड़ से अधिक का लोन उठाया और आखिर में बैंक का लोन न चुकाने की वजह से फ्लैट बैंक द्वारा जप्त कर लिया गया.

थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार मामले की फिर्यादी करिश्मा हेमंत सारड़ा ने अपने परिचित नरेंद्र समानचंद लाहोरी और कौशल्या नरेंद्र लाहोरी को वर्धमाननगर स्थित प्रीतम गुडविल अपार्टमेंट के अपने दो फ्लैट को बेचने का सौदा वर्ष 2007 में 47 लाख रूपए में किया था.इस बिक्री का क़रार हुआ था जिसके तहत मामले में आरोपी बनाये गए दंपत्ति ने 41 लाख रूपए तुरंत अदा कर दिए थे लेकिन बचे 6 लाख रूपए न देते हुए कुछ समय बाद रकम लौटने का क़रार दिया था.इस सौदे के बाद समय बीतता गया लेकिन दंपत्ति ने पैसे नहीं लौटाए जबकि इसी बीच इन्ही दोनों फ्लैट के एवज में तत्कालीन देना बैंक वर्त्तमान में बैंक ऑफ़ इंडिया की इतवारी शाखा से 1 करोड़ 50 लाख रूपए का कर्ज लिया। दंपत्ति इस कर्ज को नहीं लौटा पाया जिस वजह से बैंक ने फ्लैट को जब्त कर नीलामी कर दी.शिकायतकर्ता का आरोप है की उन्होंने जिन्हे अपने फ्लैट बेचे थे उन्होंने बिना बिक्री पत्र किये फ्लैट पर कर्ज उठाया है.यह एक तरह से धोखाधड़ी है.लकड़गंज पुलिस थाने में शिकायत को दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है.