logo_banner
Breaking
  • ⁕ अमरावती में मेलघाट आंदोलन के पहले चरण को मिली सफलता, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बाद आंदोलन स्थगित ⁕
  • ⁕ राज्यसभा के लिए महाराष्ट्र से सातों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव, नागपुर से उम्मीदवार माया इवनाते भी बनीं सांसद ⁕
  • ⁕ 16 मार्च को चंद्रपुर मनपा की स्थायी समिति अध्यक्ष पद चुनाव ; संख्या बल से रोचक होगा मुकाबला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: विधायक राजू तोड़साम ने मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ कहे अपशब्द, पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत ⁕
  • ⁕ Buldhana: पत्नी का हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या; पति सहित चालक गिरफ्तार, पहले तीन बार जहर देकर मारने का भी किया प्रयास ⁕
  • ⁕ 9 मार्च से नई ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट पर रोक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी जानकारी ⁕
  • ⁕ Nagpur: जरीपटका क्षेत्र में खेत के कमरे से महिला की लाश बरामद, अर्धनग्न और सड़ी-गली हालत में मिला शव ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

प्राचीन पोद्दारेश्वर राम मंदिर निर्माण को 103 वर्ष पूरे, जलाए गए डेढ़ लाख दिए; रौशनी से जगमगाया परिसर


नागपुर: शहर (Nagpur City) के मशहूर और प्राचीन मंदिरो में से एक पोद्दारेश्वर राम मंदिर (Poddareshwar Ram Mandir) निर्माण को 103 वर्ष पूरे हो गए है। स्थापना दिन के उपलक्ष्य में मंदिर प्रशासन द्वारा आज मंगलवार को दीप दर्शन और दीप प्रज्वलन समारोह का आयोजन किया गया। डेढ़ लाख दियो से पूरा मंदिर जगमगा उठा। 

नागपुर में पोद्दारेश्वर राम मंदिर के 103वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार शाम को दीप दर्शन और दीप प्रज्वलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर में दीपों के माध्यम से सनातन धर्म के शुभ प्रतीक चिह्न जैसे त्रिशूल, गदा, ओम, स्वस्तिक, शंख आदि बनाए गए। साथ ही श्रद्धालुओं ने सभी बिजली की लाइटें बंद कर दी और दीपों की तेज रोशनी में ही भगवान श्री राम के दर्शन किए।

ऐतिहासिक मंदिर भवन की भव्य रोशनी देखने लायक थी। इस दौरान आतिशबाजी की गई, श्री पांचजन्य श्री राम सेवक शंख दल द्वारा सामूहिक शंखनाद किया गया तथा शिवमुद्रा ढोल ताशा मंडली द्वारा ढोल वादन किया गया। इस समय राम मंदिर हजारों दीपों से जगमगा रहा था।