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भाजप में आशीष देशमुख की वापसी, रविवार को गडकरी-फडणवीस की उपस्थिति में होगा प्रवेश


नागपुर:  कांग्रेस से हाल ही में निलंबित हुए पूर्व विधायक आशीष देशमुख फिर एक बार भाजपा में प्रवेश करने जा रहे हैं।  18 जून को कोराडी स्थित नैवेद्यम नार्थ स्टार में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति में प्रवेश होंगे।  6 वर्षों के बाद फिर एक बार देशमुख की घर वापसी हो रही है।  भाजपा की ओर से सावनेर सीट से देशमुख के विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है।  उल्लेखनीय है कि 2009 में सावनेर विधानसभा सीट से भाजपा की ओर से चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद 2014 में काटोल में चाचा अनिल देशमुख के खिलाफ भी चुनाव लड़ा।  जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की थी। 

विवादित बयानबाजी से हमेशा किरकिरी

विधायिका का चुनाव लड़कर आशीष देशमुख भले विधानसभा पहुंचे थे।  किंतु हमेशा की तरह विवादित बयानबाजी के चलते भाजपा की किरकिरी होने से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।  भाजपा के विधायक होने के बाद भी भाजपा नेतृत्व पर ही उनकी कड़ी टिप्पणियां होती रही थीं।  उसके बाद कांग्रेस में प्रवेश किया।  2019 के विधानसभा चुनाव में उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के खिलाफ दक्षिण पश्चिम विधानसभा से चुनाव लड़ा जिसमें उनकी हार हुई। गत कुछ माह से लगातार कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के खिलाफ बयानबाजी चल रही थी।  जिसकी वजह से कांग्रेस के अनुशासन पालन समिति की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई कर पार्टी से निकाला गया।  पार्टी की खोज में भाजपा नेताओं से फिर एक बार करीबी हुई।  यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले और फडणवीस के साथ ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी कर भाजपा में प्रवेश का मार्ग निश्चित कर लिया। 

कुछ नेताओं का विरोध

जानकारों के अनुसार आशीष देशमुख के पार्टी प्रवेश को भले ही वरिष्ठ नेताओं की ओर से हरी झंडी दी गई थी, किंतु स्थानीय नेताओं की ओर से इसका घोर विरोध किया जा रहा था। जिसकी वजह से उनका पार्टी प्रवेश खींचता चला गया। स्थानीय नेताओं को शांत करने के बाद अब 18 जून को प्रवेश का मुहूर्त निश्चित किया गया है। उल्लेखनीय है कि एक माह पूर्व आशीष देशमुख ने अपने पिता व कांग्रेस के नेता रणजीत देशमुख के जन्मदिवस पर सावनेर में आयोजित कार्यक्रम में सावनेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे।