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Nagpur

भारतीय विज्ञान कांग्रेस का हुआ समापन, पांच दिन में एक लाख से ज्यादा लोग हुए शामिल 


नागपुर: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी में शुरू 108वीं विज्ञान कांग्रेस का आज समापन हो गया। पिछले पांच दिनों में एक लाख से अधिक लोग इस विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल हुए। तीन जनवरी से सात जनवरी तक चले कार्यक्रम में विभिन्न विज्ञान आधारित कार्यक्रम, सेमिनार, सेमिनार, नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक के व्याख्यानों का आयोजन किया गया। समापन के लिए आज कानपुर से नागपुर पहुंची विज्ञान ज्योति ने विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अरविंद सक्सेना को विज्ञान ज्योति सौंपकर आधिकारिक समापन की घोषणा की।

27 सेमिनार का आयोजन

विज्ञान प्रेमियों के लिए उत्‍सव माने जाने वाले इस सम्मेलन में कुल 27 सेमिनार आयोजित किए गए। सभी विषयों पर गहन चर्चा हुई। इसमें कई सेलिब्रिटीज ने शिरकत की। भारत की 2030 तक की यात्रा, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पोस्ट कोविड प्रभाव, कैंसर, पुरुष प्रजनन अनुसंधान सहित विभिन्न विषयों पर सेमिनार आयोजित किए गए। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक शोधार्थियों और वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

बच्चों का विज्ञान मेला

बाल विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन 'निरी' के पूर्व निदेशक डॉ सतीश वाटे ने किया। प्रदर्शनी का आयोजन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में किया गया है। यहां 10 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के बाल वैज्ञानिकों के विभिन्न प्रयोग प्रदर्शित किए गए हैं। इस प्रदर्शनी में देश के कोने-कोने से बच्चों ने भाग लिया।

महिला विज्ञान कांग्रेस

महिला विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया। विज्ञान के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। इस मौके पर अपील की गई कि महिलाएं अब अनायास ही विज्ञान के क्षेत्र में उतरें और आसमान छू लें। कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री राहीबाई पोपेरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर उन्होंने कई चुनौतियों से पार पाने की प्रक्रिया के बारे में बताया।

पहली बार जनजातीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन

भारतीय विज्ञान कांग्रेस में पहली बार जनजातीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया। आदिवासी विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन डॉ. शहीद बिरसा मुंडा सभागार में किया गया। विजयलक्ष्मी सक्सेना ने किया। भारतीय विज्ञान कांग्रेस के महासचिव डॉ. ए. डॉ. रामकृष्ण, नागपुर विश्वविद्यालय के कुलपति। संजय दुधे, संस्थापक डॉ. मंच पर राजू हिवसे और आदिवासी विज्ञान कांग्रेस के संयोजक डॉ. श्याम कोरेट्टी मौजूद थे। इस जनजातीय विज्ञान कांग्रेस का स्वर यह था कि आदिवासियों द्वारा विकसित तकनीक का उपयोग कृषि और चिकित्सा के क्षेत्र में किया जाना चाहिए।

किसान विज्ञान कांग्रेस

अनाज उत्पादन में देश बहुत आगे बढ़ चुका है। इसके पीछे किसानों की कड़ी मेहनत है। हालांकि अभी भी देखा जा रहा है कि किसानों की आर्थिक स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। कृषि की प्रगति के लिए आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण है। किसान विज्ञान कांग्रेस परिषद का सुर था कि किसानों को बाजार तकनीक के बारे में भी जागरूक होने की जरूरत है।

'प्राइड इंडिया एक्सपो' एक विशेष आकर्षण है

प्राइड इंडिया एक्सपो प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण था। इस एक्सपो में कई वैज्ञानिक स्टॉल लगाए गए थे। इसमें विज्ञान प्रेमियों की भीड़ देखी गई। प्रतिदिन शाम छह से आठ बजे तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से गजल संध्या, स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाटक, स्वर्णानंदन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। बैठक में पुरातत्व विभाग संग्रहालय, पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन, ओलम्पिक की तर्ज पर विज्ञान की लौ, बाल वैज्ञानिकों के विभिन्न प्रयोगों की प्रदर्शनी देखी गई।