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Nagpur

Lonar Lake: जल्द मिलेगा विश्व धरोहर स्थल का दर्ज, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने तैयार की रिपोर्ट


नागपुर: विश्व प्रसिद्ध लोनार झील को निकट भविष्य में विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिलने की संभावना है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से एक प्रस्ताव तैयार किया गया है. यह जानकारी लोनार झील के संरक्षण के लिए दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश की गई। हाईकोर्ट ने पुरातत्व विभाग को इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.

लोनार झील के संरक्षण को लेकर कोर्ट ने ही जनहित याचिका दायर की थी. बुधवार को जस्टिस नितिन सांबरे और जस्टिस अभय मंत्री की बेंच के सामने इसकी सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट मित्र अधिवक्ता एसएस सान्याल ने कहा कि भारतीय पुरातत्व विभाग की लोनार सरोवर को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने की योजना है. वर्ष 2020 में लोनार सरोवर को 'रामसर' साइट का दर्जा दिया गया। विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिलने के बाद लोनार झील और उसके आसपास का संरक्षण आसान हो जाएगा।

कोर्ट को बताया गया कि झील क्षेत्र में 15 मंदिर प्राचीन हैं और इनके संरक्षण की जरूरत है। वहीं कोर्ट ने राय व्यक्त करते हुए कहा कि चूंकि झील के संरक्षण के लिए विभिन्न विभाग काम कर रहे हैं, इसलिए उनमें समन्वय स्थापित करने की जरूरत है।

पिछली सुनवाई में झील के संरक्षण के उपाय करने के लिए अमरावती संभाग के संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष समिति द्वारा किए गए उपायों की जानकारी अदालत में पेश की गई थी. मामले में अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी।