'दो बूंद जिंदगी की': उपराजधानी नागपुर सहित पूरे विदर्भ में पल्स पोलियो अभियान का आगाज, हजारों केंद्रों पर बच्चों को पिलाई गई दवा
नागपुर: देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ आज उपराजधानी नागपुर समेत पूरे विदर्भ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। 'दो बूंद जिंदगी की' के नारे के साथ सुबह से ही नागपुर महानगरपालिका (NMC), जिला परिषद और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से हजारों केंद्रों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया शुभारंभ
उपराजधानी नागपुर में अभियान का आधिकारिक शुभारंभ विभिन्न शहरी और ग्रामीण केंद्रों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में बच्चों को दवा पिलाकर किया गया। नागपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े इंतजाम किए हैं।
मनपा और जिला प्रशासन मुस्तैद
नागपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शहर के झुग्गी-झोपड़ियों, निर्माण स्थलों (Construction Sites) और संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
विदर्भ के सभी जिलों में भारी उत्साह
नागपुर के अलावा विदर्भ के अन्य जिलों—अमरावती, चंद्रपुर, वर्धा, यवतमाल, अकोला, बुलढाणा, वाशिम, गोंदिया, भंडारा और गढ़चिरौली में भी पल्स पोलियो अभियान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही माता-पिता अपने छोटे बच्चों को लेकर नजदीकी बूथों पर कतारों में नजर आए। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं (ASHA Workers) ने इस अभियान को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है।
यात्रियों के लिए 'ट्रांजिट बूथ' की विशेष व्यवस्था
सफर कर रहे परिवारों के बच्चों को दवा मिल सके, इसके लिए नागपुर रेलवे स्टेशन, मुख्य बस स्टैंड्स (गणेशपेठ आदि), डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और विदर्भ के सभी प्रमुख चौराहों पर 'ट्रांजिट बूथ' (Transit Booths) बनाए गए हैं। इसके अलावा मेलों, बाजारों और ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों के लिए मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं।
कल से शुरू होगा 'डोर-टू-डोर' अभियान
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जो बच्चे आज (रविवार) किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें कवर करने के लिए सोमवार से अगले कुछ दिनों तक 'घर-घर दस्तक' (Door-to-Door Campaign) अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बच्चों की उंगलियों पर लगी स्याही की जांच करेंगे और छूटे हुए बच्चों को मौके पर ही पोलियो की खुराक पिलाएंगे।
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