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Nagpur

NEET परीक्षा में मिले कम अंक, छात्र ने लगाई फांसी


नागपुर।  एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना टूट जाने के कारण एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे नीट की परीक्षा में उम्मीद से कम अंक मिले थे।  मृतक भावेश तेजूसिंह राठौड़ (19) बताया गया। वह मूलत: कारंजा लाड (वाशिम) का रहने वाला था। नागपुर में नीट परीक्षा की तैयारी करने आया था।  वाठोड़ा के शिव सुंदरनगर में अपने रिश्तेदार लीलाधर राठौड़ के यहां रहता था।  भावेश को एमबीबीएस डॉक्टर बनना था। इसके लिए वह अक्टूबर महीने से जी तोड़ मेहनत कर रहा था।  दिन-रात पढ़ाई करता था और क्लासेस भी लगाई थी। 

मंगलवार को नीट परीक्षा के परिणाम आए। भावेश को 720 में से 588 अंक मिले थे। अपना रिजल्ट देखकर वह हताश हो गया और मंगलवार की रात अपने रूम में छत के हुक से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। वह परिजनों का फोन भी नहीं उठा रहा था। कोई प्रतिसाद नहीं मिलने के कारण बुधवार को तड़के 4 बजे लीलाधर उसके रूम पर गए।  दस्तक देने पर जवाब नहीं मिला। वह कमरे के भीतर फंदे पर लटका दिखाई दिया। तुरंत उसे नीचे उतारकर मेडिकल अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।  

घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।  सब- इंस्पेक्टर रवींद्र चव्हाण अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पास ही सुसाइड नोट पड़ा था जिसमें उसने कम अंक मिलने के कारण आत्महत्या करने का जिक्र किया था। 588 अंक में उसे बीएएमएस या अन्य पाठ्यक्रम में तो प्रवेश मिल ही जाता लेकिन वह एमबीबीएस डॉक्टर बनना चाहता था। इसी वजह से उसने सुसाइड किया। भावेश के माता-पिता वाशिम में खेती करते हैं। इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। भावेश पढ़ाई में होनहार था लेकिन कम अंक मिलने पर वह ऐसा कदम उठा लेगा किसी ने सोचा नहीं था। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर किया है।