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Nagpur

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद में शीतकालीन अधिवेशन में पेश होगा प्रस्ताव


नागपुर: महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच शुरू सीमा विवाद को लेकर शीतकालीन अधिवेशन के दौरान विधि मंडल में प्रस्ताव पेश किया जायेगा।यह जानकारी विधानपरिषद की उपसभापति नीलम गोहरे ने दी.वो शनिवार को नागपुर में पत्रकारों से बात कह रही थी.उन्होंने बताया की उनके द्वारा मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं से अनुरोध किया गया था कि विधानमंडल में एक प्रस्ताव पारित किया जाए जिससे यह संदेश जाये की पूरा महाराष्ट्र सीमावासियों के साथ खड़ा है.इसके साथ  कर्नाटक द्वारा जो मनमानी की जा रही है उस पर भी  चर्चा होनी चाहिए.उपसभापति ने यह भी कहा की सरकार यह भी सुनिश्चित करें की जिन अविकसित क्षेत्रों को लेकर यह विवाद शुरू है उन्हें कैसे किया जाये और विकास के लिए क्या किया जाना चाहिए ?  गोहरे ने बताया की  मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने सुझाव स्वीकार कर लिया है और सरकार कर्नाटक और सीमा मुद्दे के बारे में एक प्रस्ताव पेश होने वाला है इसमें अगर जनप्रतिनिधि अपने  विभिन्न अधिकारों के माध्यम से प्रश्न उठाएगे  तो निश्चित रूप से इस पर चर्चा होगी।


अधिवेशन की कालावधि सर्वसम्मति से तय हुआ है 
उपसभापति ने कहा की विधिमंडल की कामकाज सलाहकार समिति में सत्र की अवधि पर चर्चा की गई है. कुछ सदस्यों ने मांग की कि सत्र 4 से 5 जनवरी तक जारी रखा जाना चाहिए. लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष द्वारा सर्वसम्मति से अवधि तय की गई है. इसलिए मुझे इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.अधिवेशन का कैसे उपयोग होता है यह अधिक महत्वपूर्ण है.

नागपुर विश्वविद्यालय वसूली मामला :जिन प्रोफेसरों ने पैसे दिए उनकी भी होगी जाँच 
नागपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों से वसूली का मामला बेहद गंभीर है. यह गंभीर है कि कोई प्रोफेसरों से यह कहकर पैसे ले लेता है कि आपके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी गई है.. पैसा देने वाले प्रोफेसरों ने वीसी या वीसी से इस बारे में क्यों नहीं पूछा,अगर सच में उनके खिलाफ कोई शिकायत थी ?  उन्होंने  कुछ भी गलत नहीं किया है, तो भुगतान करने वाले प्रोफेसरों ने यह क्यों नहीं सोचा कि हमारे खिलाफ कोई शिकायत नहीं हो सकती है? उन्होंने भुगतान क्यों किया ? इसलिए कुलपति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं. इन प्रोफेसरों की जांच होनी चाहिए कि उन्हें किस बात का डर था और उन्होंने पैसे क्यों दिए?