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मराठी वर्सेज अंग्रेजी: सरकार के निर्णय पर शुरू हुआ विरोध, श्रीपाद भालचंद्र जोशी ने सीएम, डीसीएम को लिखा पत्र


नागपुर: महानगर पालिका द्वारा अंग्रेजी भाषा की शिक्षा को बढ़ावा दिए जाने की योजना को मराठी भाषा के लिए काम करने वालो ने गलत ठहराया है,वरिष्ठ साहित्यकार और मराठी भाषा के लिए काम करने वाले श्रीपाद भालचंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर इस निति की आलोचना की है।

जोशी द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है की महाराष्ट्र की अपनी भाषा मराठी और और महानगर पालिका का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए की वो अपनी भाषा में शिक्षा उपलब्ध करवाए,एक तरह मराठी भाषा की स्कूलें बंद हो रही है दूसरी तरह अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों को बढ़ाया जा रहा है,यह गलत है। यह एक तरह से मराठी भाषा का विरोध जैसा है।इसलिए महानगर पालिका को पहला ध्यान मराठी भाषा की स्कूलों के संचालन को लेकर दिया जाना चाहिए।

हालाँकि मराठी भाषा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं से इतर महानगर पालिका का तर्क है की अभिभावक खुद ही अपने बच्चो को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दिलाना चाहते है।इसलिए महानगर पालिका सामान्य परिवारों के लिए मुफ्त में शिक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था अपनी इस योजना के माध्यम से कर रही है।ज्ञात हो की मनपा ने निजी एनजीओ की मदत से शहर के प्रत्येक विधानसभा में एक-एक अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों को शुरू किया है जहां मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।