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Nagpur

BJP MLA Case: तीन विधायकों ने ऑनलाइन भेजे पैसे, आरोपी के खिलाफ दिल्ली में भी कई मामले दर्ज


नागपुर: विधायकों से मंत्री पद के लिए पैसे मांगने मामले में पुलिस ने आरोपी नीरज सिंह राठोड़ को गुजरात के मोरबी से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोपी को गुरुवार सुबह नागपुर लाया गया। इस दौरान पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इसके तहत आरोपी ने भाजपा के छह विधायकों से संपर्क किया था, इसमें महाराष्ट्र के 4, जबकि गोवा और नागालैंड के 1-1 विधायक शामिल हैं। वहीं मिली जानकारी एक अनुसार, तीन विधायकों ने पैसे भी भेज दिए थे। हालांकि, यह पैसा ऑनलाइन माध्यम से भेजा गया। वहीं जांच में पता चला है कि, आरोपी नीरज के खिलाफ दिल्ली में भी मामले दर्ज हैं। 

मोबाइल दूकान संचालक के अकाउंट में मंगाया पैसा 

सूत्रों से मिली जानकारी एक अनुसार, मंत्री बनने के लिए 3 विधायक नीरज के झांसे में आ गए थे। गुजरात में आरएसएस का कार्यक्रम होने की जानकारी नीरज ने विधायकों को दी थी. इसमें भोजन का प्रबंध करने के लिए विधायकों को कैटरिंग कांट्रेक्टर का पेमेंट करने को कहा गया था। कुछ नेता लालच में आ गए और उन्होंने पैसे भेज दिया। लेकिन कुछ आरएसएस की कार्यपद्धति से भली भांति जानते थे। इसीलिए पैसे मांगते ही उन्हें संदेह हो गया।आरोपी ने यह पैसे अपने घर के पास स्थित एक मोबाइल दूकान संचालक के अकाउंट में मंगाया। इस कारण अब मोबाइल संचालक भी पुलिस के राडार में आ गया है। 

आरोपी टाइल्स बनाने की कंपनी में करता है काम 

नीरज ने जिस तरह विधायकों से बातचीत की इससे यह साफ है कि उसे राजनीतिक गतिविधियों की पूरी जानकारी थी. उसने सभी जगहों पर छोटे नेताओं को ही चुना जो साधे और सरल स्वभाव के हैं। पहले उसने विधायक कुंभारे को शहरी विकास मंत्रालय का झांसा दिया था। बाद में उत्पादन शुल्क विभाग का मंत्री पद ऑफर किया. जांच में पता चला है कि, नीरज  मोरबी में एक टाइल्स बनाने वाली एक कंपनी में काम करता है। इसी के साथ उसके ऊपर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

इन विधायकों को किया था फ़ोन

ज्ञात हो कि मंत्री पद दिलाने के लिए नीरज ने पूर्व नागपुर के विधायक विकास कुंभारे, कामठी के विधायक टेकचंद सावरकर, हिंगोली के तानाजी मुटकुले, बदनापुर के नारायण कुचे, गोवा के विधायक प्रवीण आर्लेकर और नागालैंड के बाशा मोवाचैंग को फोन किया था। कुंभारे को उसकी जालसाजी समझ आ गई और उन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी। अन्य किसी विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।