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Nagpur: वीडियो लाइक और सब्सक्राइब करने के नाम पर ठगने वाली टोली का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार


नागपुर: यूट्युब पर वीडियो लाइक और सब्सक्राइब करने का टास्क देकर लोगों को ठगने वाले 2 आरोपियों को  नागपुर की साइबर पुलिस की टीम ने गुजरात के वड़ोदरा से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने एक व्यक्ति को 6 लाख रुपये का चूना लगाया था। पकड़े गए आरोपियों में वड़ोदरा निवासी मुकेश जयेश पिपलिया और अरशद उर्फ अमन हुसैन पठान  का समावेश है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल महीने में पुलिस ने नील कमलनगर, नरसाला रोड निवासी दुर्गेश्वर श्रीराम गिर्हेपुंजे (की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। 27 अप्रैल को आरोपियों ने दुर्गेश्वर के मोबाइल पर मैसेज कर वर्क फ्राम होम के लिए इच्छुक होने के बारे में पूछा था। हामी भरते ही आरोपियों ने उन्हें कुछ यूट्युब चैनल की लिंक भेजी। उसे सब्सक्राइब कर स्क्रीनशॉट भेजने को कहा गया। 

दुर्गेश्वर ने आरोपियों के कहे अनुसार स्क्रीनशॉट भेज दिया। इसके बाद उन्हें एक लिंक भेजी गई। लिंक पर क्लिक करते ही टेलिग्राम एप्लिकेशन का अकाउंट खुल गया और वो सीधे एक ग्रुप से जुड़ गए जिसमे उन्होंने अपनी जानकारी डाली और पेमेंट के लिए पेमेंट कोड और क्यूआर कोड भेजे। कुछ ही देर में उनके खाते में 150 रुपये जमा हो गए। इसके बाद नई लिंक भेजी गई और अलग-अलग प्रकार के 25 टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने के लिए कुछ रकम ट्रांस्फर करनी पड़ती थी।

टास्क पूरा होने के बाद कमिशन सहित उनकी रकम लिंक पर दिखाई देती थी। टेलिग्राम एप के द्वारा एक ट्यूटर लगातार मार्गदर्शन करता था। विविध टास्क पूरे करने के लिए दुर्गेश्वर से 6 लाख रुपये निवेश करवाए गए। दूसरे दिन नई लिंक भेजकर और रकम जमा करवाने को कहा गया। दुर्गेश्वर ने पैसे ट्रांस्फर नहीं किए तो टास्क मिलना बंद हो गया। अपनी रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। 

साइबर पुलिस टीम ने बारीकी से छानबीन शुरु की। तकनीकी जांच की मदद से मुकेश और अरशद का पता लगा लिया। सोमवार को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को 8 दिन की पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए है। पकड़े गए आरोपी भी केवल एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें लोगों को फंसाने के लिए कमिशन दिया जाता था।