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Nagpur: घटी कोचों की संख्या, नागपुर-बिलासपुर वंदेभारत बनी फायदे का सौदा


नागपुर: नागपुर-बिलासपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस रेलवे के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है।  मध्य रेलवे द्वारा जारी ताजा आकड़ो की माने तो जून महीने में वंदे भारत एक्सप्रेस में 120.36 प्रतिशत यात्रियों ने सफर किया है। लेकिन, यह अचानक बड़ी यात्रियों के कारण नहीं है, बल्कि रेलवे ने ट्रेन में बोगियों की संख्या 16 से घटकर आठ कर दी थी। जिसके बाद से यह ट्रेन अपनी क्षमता के साथ दौड़ रही है। 

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल दिसंबर 11 को नागपुर से बिलासपुर-नागपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। हालांकि, ट्रेन के परिचालन के समय रेलवे प्रशासन जैसे उम्मीद कर रहा था, वैसी प्रतिक्रिया यात्रियों से नहीं मिली थी। बढ़े किराये के कारण यात्री वंदे भारत के बजाय अन्य एक्सप्रेस और सामान्य ट्रेनों से यात्रा करने उचित समझ रहे थे। 

यात्रियों की कमी को देखते हुए रेलवे ने नागपुर-बिलासपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की बोगियों की संख्या 16 से घटकर आठ कर दी थी। रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों की कमी से जूझ रही वंदे भारत में यात्रियों की भीड़ लग गई। पहले घाटे के सौदा रही वंदेभारत अब फायदे का साबित हो रहा है। 

मध्य रेलवे के अधिकारियों ने वंदे भारत एक्सप्रेस में जून महीने में औसत यात्री संख्या के आंकड़े जारी किए. इसके अनुसार जून महीने में ट्रेन संख्या 20826 नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में 120.36 प्रतिशत यात्रियों ने सफर किया। जबकि ट्रेन संख्या 20825 बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत में यात्रा करने वालों का औसत प्रतिशत 127.39 रहा। जून के अलावा जुलाई में भी बीते दो दिनों में नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में 107.73 प्रतिशत और बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में 121.50 प्रतिशत यात्रियों ने सफर किया। 

किराया भी कम करने का चल रहा विचार 

रेलवे ने छोटे रूट पर चलने वाली गाड़ियों का किराया कम करने का निर्णय लिया है। हालांकि, अभी तक रेलवे द्वारा किराया कम नहीं किया गया है। बोगियां कम करने के कारण घाटे का सौदा रही वंदेभारत अब फायदे का सौदा साबित हो रही है। वहीं ट्रेन में यात्रियों की बढ़ी संख्य को लेकर रेलवे विभाग अपनी वह-वही बटोर रहा है।