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Nagpur

Nagpur: पुलिस थानों में जब्त गाड़ियों का अंबार, जगह की किल्लत से बढ़ी परेशानी


नागपुर: शहर के पुलिस थानों में जगह की कमी अब बड़ी समस्या बनती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है वर्षों से धूल खा रहे जब्त वाहन हैं जिनका कोई मालिक नहीं। सड़क दुर्घटनाओं से लेकर अवैध गतिविधियों में शामिल वाहनों तक सभी पुलिस थानों में जगह घेरे पड़े हैं। इस वजह से पुलिसकर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नागपुर के विभिन्न पुलिस थानों का हाल इन दिनों कबाड़खाने जैसा हो गया है। सड़क दुर्घटनाओं में शामिल वाहन, अवैध शराब और तस्करी में पकड़ी गई गाड़ियां, चोरी के बरामद वाहन ये सब बरसों से थानों में पड़े धूल खा रहे हैं। इनकी संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जिससे पुलिस थानों में जगह की भारी कमी हो गई है। गाड़ियां बरसों तक ऐसे ही खड़ी रहने से न सिर्फ थानों की सुंदरता खराब होती है, बल्कि मच्छरों का भी जमावड़ा हो जाता है। इससे पुलिसकर्मियों के मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है।

पुलिस प्रशासन के मुताबिक, इन वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया काफी लंबी होती है। पहले आरटीओ के जरिए वाहन मालिकों की पहचान की जाती है। अगर वे गाड़ी लेने नहीं आते, तो कोर्ट से अनुमति लेकर नीलामी की जाती है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में कई साल लग जाते हैं।

फिलहाल पुलिस प्रशासन इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश में है। यदि नीलामी की प्रक्रिया तेज हो, तो थानों की जगह खाली हो सकती है और पुलिसकर्मियों को राहत मिल सकती है।