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रवींद्र केशवराव शोभणे बने 97वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष, अमलनेर में होगा कार्यक्रम


नागपुर: जलगांव के अमलनेर में होने वाले 97वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मलेन के अध्यक्ष पद पर डॉ. रवींद्र केशवराव शोभणे की नियुक्ति की गई है। रविवार को पुणे में साहित्य संघ की बैठक हुई। इस बैठक में शोभणे के नाम पर मुहर लगाई गई। अध्यक्ष पद की रेस में प्रवीण दवणे, डॉ. रवींद्र शोभणे, बाल साहित्यिक न. म. जोशी सहित कई के नाम चल रहे थे, लेकिन आखिर में शोभणे के नाम पर सभी सहमत हुए।  

मराठी साहित्य संघ हर साल सम्मलेन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष संघ 17वीं बार सम्मलेन का आयोजन जलगांव जिले के अमलनेर में होगा। पिछली बार यह वर्धा जिले में हुआ था। उस दौरान जयंत नारलीकर को सम्मेलन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी।डॉ शोभणे को सम्मेलन का अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने को लेकर नागपुर के साहित्य जगत में ख़ुशी का माहौल है।

उपन्यासकार डॉ. रवींद्र शोभणे का जन्म नागपुर के नरखेड़ तहसील के खरसोली गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा आदर्श विद्यालय, खरसोली से पूरी की। उन्होंने अपनी कॉलेज की शिक्षा नरखेड़ में और स्नातकोत्तर की पढ़ाई मॉरिस कॉलेज, नागपुर से की। उन्होंने 1989 में 'उपन्यासकार श्री ना पेंडसे' पर थीसिस जमा करके नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।

डॉ. शोभने वर्तमान ने धनवटे नेशनल कॉलेज, नागपुर के मराठी विभाग के प्रमुख के रूप में कार्य किया है। कहानी, उपन्यास, नाटक, कविता, समीक्षा, ललित कला जैसी विभिन्न साहित्यिक विधाओं में लिखने वाले डॉ. रवींद्र शोभने ने बीस साल की उम्र में अपनी पहली कविता, पहला आलोचनात्मक लेख और पहली कहानी प्रकाशित की।