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Nagpur

कोश्यारी के इस्तीफे पर शरद पवार ने दी पहली प्रतिक्रिया, कहा- महाराष्ट्र का हुआ भला


नागपुर: राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूर कर लिया है। राष्ट्रपति ने कोश्यारी की जगह झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को महाराष्ट्र का अगला राज्यपाल नियुक्त किया है। वहीं कोश्यारी के इस्तीफे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी है। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा कि, "महाराष्ट्र आज आजाद हो गया है। अच्छा फैसला लिया गया है। उनका इस्तीफा पहले ही ले लिया जाना चाहिए था।" इसी के साथ पवार ने राज्यपाल द्वारा लिए फैसलों की जांच करने की मांग की है।

शरद पवार ने कहा कि, "महाराष्ट्र के इतिहास में कभी ऐसा व्यक्ति राज्यपाल नहीं बना, ऐसा व्यक्ति उन्होंने पहली बार देखा है। यह संतोष की बात है कि केंद्र सरकार और राष्ट्रपति ने इसमें बदलाव किया है।" पवार ने पिछले तीन साल में राज्यपाल कोश्यारी के लिए फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि, "कोश्यारी ने संविधान के खिलाफ क्या हुआ इसकी जांच होनी चाहिए।"

पहले राज्यपाल जिसकी आलोचना हुई 

पवार ने कहा कि, “महाराष्ट्र की एक परंपरा है। लोगों ने इस राज्य में कई अच्छे राज्यपाल देखे हैं।  महाराष्ट्र को राज्यपाल के रूप में बहुत उच्च स्तर के लोग मिले। महाराष्ट्र में चाहे कोई भी दल का राज्यपाल बने, लेकिन राज्य के हित के लिए मार्गदर्शन किया और संविधान को सबसे ऊपर रखा।" उन्होंने कहा कि, "ये पहले राज्यपाल हैं, जिनके बारे में लगातार बात हो रही है। और लोगों को लगातार उनकी आलोचना करनी पड़ती है।”

प्रधानमंत्री से पद मुक्त करने की थी मांग 

पिछले महीने कोश्यारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से निवृत्त करने की मांग की थी। अपने पत्र में कोश्यारी ने लिखा था कि, महाराष्ट्र जैसे संतों, समाज सुधारकों और नायकों की महान भूमि का राज्यपाल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। प्रदेश की जनता से तीन वर्ष से अधिक समय तक मिले प्यार और स्नेह को कभी भुलाया नहीं जा सकता।"

उन्होंने आगे कहा, "माननीय प्रधानमंत्री जी की हाल ही की मुंबई यात्रा के दौरान, उन्होंने खुद को राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त करने और अपना शेष जीवन अध्ययन, ध्यान और चिंतन में बिताने की इच्छा व्यक्त की है। आपने हमेशा माननीय प्रधान मंत्री के विशेष स्नेह का आनंद लिया है, और आशा है कि इस संबंध में भी मुझे उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा।"