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Nagpur

जो पहले निधि को लेकर लगाते थे आरोप, अब वह कर रहे तारीफ; आखिर कैसे हुआ मन परिवर्तन?


नागपुर: राजनीति अनिश्चितताओं का खेल है और महाराष्ट्र में तो ये अदृश्य खेल जोरदार तरीके से शुरू है। कहते है है राजनीति ने कोई स्थाई तौर पर दोस्त होता है और न ही दुश्मन। कुछ यही नज़ारा राज्य में देखने को मिल रहा है। पहले जो विधायक अजित पवार पर निधि को लेकर भेदभाव करने का आरोप लगाते थे, वहीं अब पवार का समर्थन और तारीफ कर रहे हैं। इन्हीं विधायकों में से एक है रामटेक से निर्दलीय विधायक आशीष जायसवाल। 

निधि आवंटन को लेकर अजित पवार विपक्ष के लगभग हर विधायक के निशाने पर रहे है। महाविकास अघाड़ी एक समय तमाम विधायक उनपर एनसीपी के मुकाबले कम निधि देने का आरोप लगाते रहे हैं। जिनमें आशीष जायसवाल का नाम प्रमुखता से लिया जाता था। आशीष जायसवाल ही है, जो लगातार निधि के आवंटन को लेकर सरकार के खिलाफ मुखर होते रहे है। 

आशीष जायसवाल है तो निर्दलीय विधायक लेकिन पिछली शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस की सरकार को गिराने और शिवसेना में पड़ी फुट में अहम रोल निभाने वाले भी है। तत्कालीन शिवसेना को अपना समर्थन देने वाले आशीष जायसवाल वो हैं जो विधायकों को मिलने वाली विकास निधि के आवंटन को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री अजित पवार को निशाने पर लेते थे। 

एक लंबे समय तक अजित पवार पर विदर्भ समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों के विधायकों के साथ निधि के आवंटन पर विकास निधि का आरोप लगता रहा है। जायसवाल मुखरता से आरोप लगाते रहे है लेकिन जैसे ही अजित पवार सरकार में शामिल हो गए अब आरोप सामंजस्य में बदल गए है। इसी जुलाई के महीने में आशीष जायसवालके तीन बयानों को सुनिए उसमे वो क्या कुछ कह रहे है। पहला बयान 8 जुलाई का ही।

जायसवाल ने बताया की किस तरह से विकास निधि के आवंटन को लेकर विधायकों के बाग़ी सुरों को लीड किया। 8 जुलाई को दिए गए बयान के बाद 14 जुलाई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  के मंत्रियो को विभागों का आवंटन हो' जाने के बाद जायसवालका नया बयान आया जिसमे उन्होंने न केवल सरकार बल्कि निधि के समतोल आवंटन की बनाई गयी पॉलिसी की जानकारी दी और उम्मीद जताई की अजित पवार जैसे अनुभवी नेता के सरकार में शामिल हो जाने के बाद राज्य में विकास की रफ्तार बढ़ेगी।।

24 जुलाई आते-आते अजित पवार बतौर वित्त मंत्री अपना कामकाज शुरू कर दिया है।। पवार के पास तिजोरी की चाबी है।। हालिया बयान में जायसवाल ने अजित पवार के कामकाज की जमकर तारीफ़ की।और क्या कुछ कहा खुद दर्शक सुने।

राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के लिए पॉलिटिकली अनडाईजेस्टबल अजित पवार अब सबको एक्सेप्टेबल है। जो कल तक उन पर आरोप लगा रहे थे उन्हें उनका काम भी अब पसंद आने लगा है। इसलिए राजनीति के बारे में कहा जाता है यह अनप्रिडिक्टेबल होती है। 8 जुलाई के बयान में जायसवालने अपने बारे में मंत्रीपद के वोटिंग को लेकर यह भी कहा था की मेरा नाम हमेशा चर्चा में रहता है इस बार तो मेरी भी इच्छा है की अब यह सच साबित हो जाये। बहरहाल 24 जुलाई के बयान में उन्होंने कहा की मंत्रि पद मिले या न मिले उन्हें संतोष इस बात का है की सरकार ने उन्हें राज्य के किसी अन्य विधायक से ज़्यादा जिम्मेदारी सौंपी है।