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Nagpur

'विधायक ठेकेदार' बनेंगे, तो राजनीति में नीतियां कहां बचेंगी? चंद्रपुर में हो रहा है 'घोड़ा बाजार': विजय वडेट्टीवार


नागपुर: महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) में कांग्रेस (Congress) विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने चंद्रपुर (Chandrapur) और गढ़चिरौली (Gadchiroli) में स्थानीय पार्षदों (नगरसेवकों) की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला है। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के लगभग 23 पार्षद इस समय 'नॉट रीचेबल' हैं, जिन्हें लाखों रुपये का लालच देकर तोड़ा गया है। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में उनके पास पुख्ता सबूत और रिकॉर्ड मौजूद हैं।

5-5 लाख रुपये देकर पार्षदों को उठाया: वडेट्टीवार

मीडिया से बातचीत करते हुए विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने दावा किया, "चंद्रपुर और गढ़चिरौली के हमारे करीब 23 पार्षद इस वक्त संपर्क से बाहर (नॉट रीचेबल) हैं। मैं 100% दावे के साथ कह सकता हूँ कि उन्हें 5-5 लाख रुपये देकर उठाया गया है। पैसे के दम पर हमारे लोगों को खरीदा गया है। अब हम इस मामले में व्हिप (Whip) जारी करने जा रहे हैं, जिसे उनके घरों पर चिपकाया जाएगा और उन्हें अयोग्य ठहराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"

उन्होंने आगे कहा कि बाजार में चर्चा यहाँ तक है कि कोई 10 लाख, कोई 15 लाख तो कोई कांग्रेस से दोगुना पैसा देने की बात कर रहा है। अभी एडवांस दिया गया है, बाकी रकम बाद में देने का वादा है।

"विधायक जब ठेकेदार बन जाएं, तो पैसे की 'गर्मी आ ही जाती है"

चिमूर विधायक बंटी भंगड़िया (Bunty Bhangadiya) के साथ पार्षदों की वायरल तस्वीर और चंद्रपुर में चल रही राजनीतिक हलचल पर तंज कसते हुए वडेट्टीवार ने कहा, "वह फोटो पुरानी है या नई, इस पर मैं अभी कुछ नहीं कहूँगा। लेकिन एक बात साफ है कि चंद्रपुर में 'घोड़ा बाजार' (पार्षदों की मंडी) तेजी पर है। इस खरीद-फरोख्त की कोई जरूरत नहीं थी। लेकिन जब विधायक ही ठेकेदार बन जाएं, तो पैसे की 'गर्मी और मस्ती' आ ही जाती है, वही मस्ती यहाँ दिख रही है।"

उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि, "बिना किसी मेहनत के अगर जनप्रतिनिधि ही ठेकेदार बनने लगेंगे, तो राजनीति में नैतिकता और नीतियां कहाँ बचेंगी? सत्ता और पावर का ऐसा गठजोड़ सिर्फ आम जनता की परेशानियां बढ़ाएगा।

सत्ता न होती, तो पीछे कुत्ता भी न जाता!

'पार्षद न संभाल पाने' के आरोपों पर पलटवार करते हुए वडेट्टीवार ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "अगर आज राज्य में इनकी सत्ता न होती, तो इनके पीछे कुत्ता भी नहीं जाता। एक बार सत्ता जाने दीजिए, फिर किसी को उठाकर दिखाएं। सत्ता का दुरुपयोग करके डराया जा रहा है। किसी को जेल में डालने की धमकी दी जा रही है, तो कहीं बैंक निदेशकों और सरपंच के बेटों को डराकर यह राजनीति की जा रही है।"

 शिवानी वडेट्टीवार होंगी उम्मीदवार, दिया जवाब 

बीजेपी (Bhartiya Janta Party) के भीतर चल रही असंतुष्टि पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग पिछली बार विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी से गद्दारी करने के बाद भी आज खुद को वफादार बता रहे हैं। वहीं, अपनी बेटी शिवानी वडेट्टीवार (Shivani Wadettiwar) की उम्मीदवारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट की।

वडेट्टीवार ने कहा, "कल की बैठक में कोई नाम तय नहीं हुआ है। यह मामला तीन जिलों से जुड़ा हुआ है। तीनों जिलों से जो नाम सामने आएंगे, उसी के आधार पर शीर्ष नेतृत्व अंतिम फैसला लेगा। अभी उम्र की कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, इसीलिए हम रुके हुए हैं। पार्टी जो भी उम्मीदवार तय करेगी, हम पूरी ताकत से चुनाव जीतने के लिए मैदान में उतरेंगे।"