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Amravati

'जनाब उद्धव ठाकरे' को अब याद आए रामलल्ला! पार्टी बचाने के लिए कर रहे 'रामरक्षा': नवनीत राणा का करारा हमला


अमरावती: अयोध्या राम मंदिर की दानपेटी में हुई कथित चोरी के मामले पर राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा नागपुर में 'रामरक्षा पठण' आंदोलन करने के ऐलान पर भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने उन पर करारा हमला बोला है। अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे को 'जनाब उद्धव ठाकरे' कहकर संबोधित किया और उन पर तीखे बाण चलाए।

"पार्टी बर्बाद होने के बाद आई रामलल्ला की याद"
नवनीत राणा ने तंज कसते हुए कहा, "जब अयोध्या में रामलल्ला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ और देश-विदेश से भक्त वहां पहुंचे, तब 'जनाब' उद्धव ठाकरे कहां छिपे थे? आज जब उनकी पूरी पार्टी बर्बाद हो चुकी है, विधायक-सांसद साथ छोड़ चुके हैं, तब जाकर उन्हें रामलल्ला और रामरक्षा की याद आ रही है।" राणा ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे रामरक्षा नहीं, बल्कि अपनी बची-कुची पार्टी की 'पक्षरक्षा' करने के लिए यह सब कर रहे हैं।

हनुमान चालीसा विवाद की दिलाई याद
उद्धव ठाकरे सरकार के समय खुद को हुई जेल का जिक्र करते हुए नवनीत राणा ने कहा, "जब मैंने हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत मांगी थी, तब जनाब उद्धव ठाकरे के अहंकार के कारण मुझे 14 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। आज वही व्यक्ति 'जय श्रीराम' के नारे लगा रहा है।" राणा ने ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि वे नागपुर से 150 किलोमीटर दूर अमरावती आएं, वहां हनुमानगढ़ी पर उनका स्वागत किया जाएगा और सब साथ मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।

"आरएसएस मुख्यालय जाकर टेकें माथा"
पूर्व सांसद ने तंज कसा कि नागपुर में आंदोलन करने से पहले उद्धव ठाकरे को रेशीमबाग स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाकर नतमस्तक होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन पर कोई देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलाएंगे, बल्कि वे स्वागत के लिए तैयार हैं।

श्रीकृष्ण पर बयान देने वाले मौलाना को लताड़ा
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर एक मौलाना द्वारा दिए गए विवादित बयान (कि श्रीकृष्ण दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे) पर नवनीत राणा बुरी तरह भड़क गईं। उन्होंने कहा, "यह कौन सा मौलाना है, मुझे नहीं पता। सनातन हिंदू धर्म हजारों साल पुराना है। हमने हमेशा भगवान कृष्ण के माथे पर बड़ा तिलक देखा है। इसलिए उस मौलाना को पहले खुद बड़ा तिलक लगाकर नमाज पढ़नी चाहिए, उसके बाद हमारे भगवान पर बोलने की हैसियत रखनी चाहिए।"

"राम मंदिर के चोरों को बख्शेंगे नहीं मोदी"
राम मंदिर में हुई कथित चोरी के आरोपों पर नवनीत राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "जिस कांग्रेस ने सालों तक राम मंदिर बनने में रोड़े अटकाए, उन्हें इस पर बोलने का कोई हक नहीं है। देश के चौकीदार (पीएम मोदी) पर मुझे पूरा विश्वास है। उनकी नीति साफ है— 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा'। अगर किसी ने राम मंदिर के धन पर डाका डाला है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"