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नागपुर में गरजे उद्धव ठाकरे; कहा- राम किसी के बाप की जागीर नहीं, हमें भाजपा मुक्त राम चाहिए; निवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्ष्ता में जाँच की मांग


नागपुर: आयोध्या स्थित राम मंदिर में हुई चोरी के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नागपुर में राम रक्षा आंदोलन किया। शहर के राम नगर स्थिति श्री राम मंदिर में उद्धव ने पहले अपने नेताओं के साथ राम रक्षा का पाठ किया, इसके पश्च्यात मंदिर प्रांगण के बार सभा को संबोधित किया। इस दौरान उद्धव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए ढोंगी बताया। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवाहन पर भी जोरदार पलटवार किया। 

आयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दान में चोरी से देश में हड़कंप मचा हुआ है। चोरी की घटना सामने आने के बाद एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दान चोरी को धर्मद्रोह बताते हुए इसको लेकर मोर्चा खोल दिया हैं। उद्धव ने पुरे राज्य में राम रक्षा पाठ का आंदोलन करने का ऐलान किया।

राम मंदिर में पाठ कर की आरती 
इसी के साथ मद्देनजर शनिवार को नागपुर में उद्धव ने राम रक्षा का पाठ किया। शहर ने राम नगर स्थित श्रीराम मंदिर में उद्धव ठाकरे ने मंदिर प्रबंधन समिति सदस्यों के साथ राम रक्षा का पठन किया। इस दौरान आदित्य ठाकरे, संजय राउत, सांसद अनिल देसाई सहित उद्धव गुट के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राम रक्षा का पाठ करने के बाद उद्धव ने मंदिर प्रांगण के बाहर आयोजित सभा को भी सम्बोधित किया। जिसमें उन्होंने भाजपा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर चुन-चुनकर प्रहार किया।

मुख्यमंत्री फडणवीस को दिया जवाब 
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर तंज कस्ते हुए कहा था कि, जिन्हे राम रक्षा पढ़ना नहीं आता वह राम की रक्षा करने निकले हैं। मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि, "संजय राउत ने मुझसे पूछा था कि क्या टेलीप्रॉम्प्टर रखना है? मैंने कहा, नहीं।" उद्धव ने आगे कहा, "आज मैं उनके गांव में आकार कहना चाहता हूँ। रामरक्षा का पाठ करना भले ही फडणवीस का काम हो, लेकिन भगवान राम की रक्षा करना रामभक्तों का कर्तव्य है। मन में श्रद्धा और भाव के बिना केवल 'रामरक्षा' का पाठ करना हमारा हिंदुत्व नहीं है।" 

ठाकरे ने कहा, "कहा, "यह आंदोलन यह देखने के लिए नहीं है कि कौन रामरक्षा का पूरा पाठ करता है और कौन नहीं। किसी कक्षा के मॉनिटर की तरह बात मत कीजिए। आज हालात ऐसे हैं कि रामभक्तों को ही भगवान राम की रक्षा के लिए आगे आना पड़ रहा है। भाजपा के शासन में राम की रक्षा करने की नौबत आ गई है, इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है?" उन्होंने आगे कहा, "हम 'जय श्रीराम' जरूर कहते हैं, लेकिन हमें भाजपा से मुक्त राम चाहिए। इसी सोच के साथ इस आंदोलन की शुरुआत की गई है।"

सोनम वांगचुक को लेकर सरकार को घेरा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की उद्धव ठाकरे ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, "युवाओं के भविष्य के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने किसी आतंकवादी की तरह उठाकर ले गई, जबकि अभिजीत दीपके के साथ मारपीट की गई। जिस भाजपा ने भगवान राम के नाम पर वोट मांगे थे, क्या आज उसके भीतर श्रीराम की जगह शैतान की आत्मा प्रवेश कर गई है? सत्ता के लिए आखिर ये लोग कितने पागल हो चुके हैं?" यही नहीं उद्धव ने इस कार्रवाई के विरोध में मुंबई में सभी दलों के संयुक्त आंदोलन का भी ऐलान किया।

मोहन भागवत से सीधा सवाल
नागपुर संघ का मुख्यालय होने का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से सवाल किया। उन्होंने कहा, "भागवत साहब, क्या आप भाजपा सरकार का रवैया देख रहे हैं? छात्रों के पेपर लीक हो रहे हैं, राजनीतिक दल तोड़े जा रहे हैं और अब मंदिरों की तिजोरियां तक तोड़ी जा रही हैं। क्या यही हिंदू राष्ट्र आपकी कल्पना थी?"

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, "आपने कहा था कि हिंदुओं को दो से तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। लेकिन जिन परिवारों ने बच्चे पैदा किए, उनके बच्चे पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। उनका जवाब कौन देगा? यह हमारे विचार का हिंदू राष्ट्र नहीं है। हमें 'शिवशाही' और 'रामराज्य' चाहिए।"

"'मंदिर वहीं बनाएंगे'... किसलिए? लूटने के लिए?"
बाबरी मस्जिद विध्वंस और राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "जब बाबरी मस्जिद गिरी थी, तब एक भी भाजपा नेता आगे नहीं आया था। उस समय सिर्फ बालासाहेब ठाकरे सीना तानकर खड़े हुए थे। उन्होंने 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' का नारा दिया था। कारसेवकों ने अपना बलिदान दिया, लेकिन वह इन लोगों की लूट और स्वार्थ के लिए नहीं था। आखिर 'मंदिर वहीं बनाएंगे' किसलिए? लूटने के लिए?" यही नहीं उद्धव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान की निंदा करते हुए भाजपा को घेरा।

मंदिर घोटाले की सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग
अयोध्या में जमीन सौदों और मंदिर में हुई चोरी की घटनाओं पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने सरकारी एसआईटी जांच को "सिर्फ दिखावा" बताया। उन्होंने कहा, "अगर सरकार वास्तव में निष्पक्ष और ईमानदार जांच चाहती है, तो न्यायमूर्ति अभय ओक जैसे निष्पक्ष और बेदाग छवि वाले सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की जाए।"

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के इस बयान कि "जिन लोगों ने श्रद्धा से दान नहीं दिया, उन्हीं के पैसे चोरी हुए," पर भी उद्धव ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "आपका हिंदुत्व ढोंग है। राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं है।"