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देश में पानी की नहीं नियोजन की कमी, नितिन गडकरी बोले- किसान आत्महत्या का यह प्रमुख कारण; कृषि में एआई के महत्व को भी समझाया


नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Central Minister Nitin Gadkari) ने कहा है कि देश में पानी की कमी नहीं है, बल्कि जल नियोजन की कमी सबसे बड़ी समस्या है। नागपुर में पूर्ती सिंचन समृद्धी कल्याणकारी संस्था के रजत महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘जलसंवाद’ और ‘जलक्रांति परिषद’ में उन्होंने विदर्भ की जलसमस्या, किसान आत्महत्या और ‘वॉटर ग्रीड’ की आवश्यकता पर विस्तार से अपनी बात रखी। 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में जल संकट का मुख्य कारण पानी की कमी नहीं, बल्कि जल नियोजन का अभाव है। उन्होंने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति रहती है, जबकि कई इलाके सूखे की मार झेल रहे हैं। ऐसे में जल संसाधनों के संतुलित उपयोग और बेहतर प्रबंधन की जरूरत है।

नागपुर में पूर्ती सिंचन समृद्धी कल्याणकारी संस्था के रजत महोत्सव के तहत आयोजित ‘जलसंवाद’ और ‘जलक्रांति परिषद’ में संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि विदर्भ में किसान आत्महत्या का एक बड़ा कारण पानी की समस्या है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश में हाईवे ग्रिड और पावर ग्रिड बनाए गए हैं, उसी तरह अब ‘वॉटर ग्रिड’ की आवश्यकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि जहां अधिक बारिश और बाढ़ की स्थिति बनती है, वहां से बड़े कैनाल के माध्यम से पानी को सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को बड़े स्तर पर परियोजनाएं शुरू करनी होंगी, जबकि जनप्रतिनिधियों और गांवों को भी जलसंधारण को जनआंदोलन बनाना होगा।

गडकरी ने बताया कि संस्था पिछले 25 वर्षों से विदर्भ में जलसंधारण के क्षेत्र में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाबराव देशमुख कृषी विद्यापीठ को 350 से अधिक तालाब बनाकर दिए गए, जिससे सिंचित खेती का दायरा बढ़ा और आसपास के गांवों में भूजल स्तर में सुधार हुआ। तालाबों की खुदाई से निकली मिट्टी का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिली।

उन्होंने बताया कि बुलढाणा जिले में भी इसी मॉडल पर जलसंधारण कार्य किए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। गौरतलब है कि, 17 और 18 मई को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में नाना पाटेकर, आमिर खान और मकरंद अनासपुरे सहित देशभर के जल विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।