logo_banner
Breaking
  • ⁕ मंथन फॉर युवा अभियान का हुआ समापन, CM फडणवीस बोले- युवाओं के सपनो को मिलेगी नई दिशा; एक साथ 4100 युवाओं ने किया ढोल-ताशा का वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड ⁕
  • ⁕ राहुल गांधी के महिला अधिकार वाले बयान पर CM फडणवीस का पलटवार, बोले- ‘खाने के दांत अलग, दिखाने के अलग’ ⁕
  • ⁕ समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’ ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश के मरीज को पीठ पर ले जाने का वीडियो वायरल; बदइंतजामी के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने पेश की असलियत ⁕
  • ⁕ "हम शिक्षक हैं, व्यापारी नहीं!" तुकाराम मुंढे के आदेश पर भड़के शिक्षक, मिड-डे मील के FSSAI लाइसेंस को लेकर छिड़ा नया विवाद ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

सीमेंट सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, 8 जून तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश; मनपा, NHAI और PWD को कोर्ट की फटकार


नागपुर: नागपुर शहर की बदहाल सीमेंट सड़कों को लेकर अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने शहर की सीमेंट रोड से जुड़ी सभी शिकायतों का तत्काल निराकरण कर 8 जून तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, एनएचएआई, मनपा और नागपुर सुधार प्रन्यास को फटकार भी लगाई है।
नागपुर में सीमेंट सड़कों की खराब गुणवत्ता और नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने साफ कहा कि शहर में सीमेंट रोड निर्माण से जुड़ी सभी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए और 8 जून तक विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए।

जनमंच सामाजिक संस्था की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि शहर में कई जगहों पर सीमेंट रोड की ऊंचाई जरूरत से ज्यादा बढ़ा दी गई है, जिसके कारण बारिश का पानी सीधे लोगों के घरों में घुस रहा है। वहीं पुरानी डामर सड़क हटाए बिना उसके ऊपर ही कंक्रीट डालने से सड़कें कुछ ही समय में दरकने लगी हैं। कई स्थानों पर सड़कें टूट चुकी हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। पेवर ब्लॉक कमजोर गुणवत्ता के होने के कारण टूट रहे हैं और नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। साथ ही सीमेंट रोड निर्माण के दौरान पर्यावरणीय मानकों की भी अनदेखी की गई, जिससे धूल प्रदूषण बढ़ रहा है।

सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि ड्रेनेज और पाइपलाइन की समुचित योजना के बिना सड़क निर्माण किया गया। नतीजतन नई बनी सड़कों को बार-बार पाइपलाइन और अन्य कामों के लिए खोदा जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल पा रही। कोर्ट ने इन सभी मामलों को गंभीर मानते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मनपा और नागपुर सुधार प्रन्यास को तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।