logo_banner
Breaking
  • ⁕ CM देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनकारी छात्रों से की मुलाकात, मानी सभी मांगे; मंत्री उइके ने आंदोलन समाप्त करने का किया आवाहन ⁕
  • ⁕ मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के ‘शुद्धीकरण’ पर नितीन राऊत आक्रामक, डॉ. नितीन राऊत ने पांचपावली पुलिस में दर्ज कराई शिकायत ⁕
  • ⁕ गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज; मनपा, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त समन्वय बैठक, मंडलों को दिए गए अहम् निर्देश ⁕
  • ⁕ क्या बैंक लॉकर भी सुरक्षित नहीं? नागपुर में केनरा बैंक के लॉकर से लाखों के जेवर गायब, NRI महिला ने कर्मियों पर लगाए धोखाधड़ी के आरोप ⁕
  • ⁕ महिला अस्पताल अग्निकांड: 3 नवजात शिशुओं की मौत के बाद अस्पताल पहुंचीं चित्रा वाघ, यशोमती ठाकुर ने भाजपा नेताओं के दौरे को बताया 'पर्यटन यात्रा' ⁕
  • ⁕ Chandrapur: बच्चे पहुंचे स्कूल, लेकिन सभी शिक्षक नदारद! सुपगांव जिला परिषद स्कूल में बवाल, जांच के आदेश ⁕
  • ⁕ Nagpur: कैफे में नाबालिग से दुष्कर्म से मचा हड़कंप, 19 वर्षीय युवक पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Amravati

Amravati: 6.67 लाख मतदाताओं ने वोट से मोड़ा मुंह, शहरी वोटर्स का अनुपात अधिक


अमरावती: लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है। वस्तुतः यह एक राष्ट्रीय कर्तव्य माना जाता है। हालांकि हकीकत ये है कि 26 अप्रैल को हुए लोकतंत्र के इस महापर्व से 6,66,957 मतदाताओं ने मुंह मोड़ लिया। इसमें शहरी मतदाताओं का अनुपात अधिक है। 

अमरावती लोकसभा क्षेत्र में 18,366,078 मतदाता हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में इस बार मतदाता सूची को शुद्ध बनाया गया और सूची में अनावश्यक गड़बड़ी को कम किया गया।

कहा गया कि इससे प्रतिशत बढ़ेगा। इस हिसाब से 63.67 फीसदी वोटिंग हुई। इसके अलावा, ग्रामीण दरियापुर, अचलपुर और मेलघाट निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह बादल छाए रहने और मतदाताओं में उत्साह के साथ-साथ देर रात तक मतदान हुआ। इसके परिणामस्वरूप तीन दशकों में पहली बार सबसे अधिक मतदान हुआ। हालांकि, शहरी मतदाताओं का प्रतिशत घटा है। 

इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि मतदान के दिन सरकारी छुट्टी और फिर लगातार दो दिनों की छुट्टी के कारण कई मतदाताओं ने मतदान छोड़ दिया और दौरे को प्राथमिकता दी। अनुसूचित जाति, जनजाति और मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है। उसकी तुलना में अन्य क्षेत्रों में वोटिंग कम हुई है।