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Amravati

Amravati: नतीजे आने बाद महाविकास के नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप शुरू, सुनील खराटे ने यशोमति ठाकुर को ठहराया हार का दोषी


अमरावती: शनिवार को आए विधानसभा के नतीजों के बाद महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया है. बडनेरा विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के उम्मीदवार और शिवसेना जिला प्रमुख सुनील खराटे ने गंभीर आरोप लगाया है कि जिले में कुछ कांग्रेस नेताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराकर अघाड़ी धर्म का पालन नहीं किया. सुनील खराटे ने यह भी कहा है कि पूर्व पालक मंत्री और कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर ने इस काम में विशेषतः सबसे आगे रही हैं.

विधानसभा चुनाव प्रक्रिया खत्म होते ही सुनील खराटे ने कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया है. सुनील खराटे बडनेरा विधानसभा क्षेत्र से महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे. लेकिन जिले के कांग्रेस नेताओं ने उनके अभियान से मुंह मोड़ लिया. सुनील खराटे ने गंभीर आरोप लगाया कि यशोमती ठाकुर और कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े को समय-समय पर प्रचार बैठकों, पदयात्राओं और रैलियों के लिए आमंत्रित किया गया था. लेकिन बिना किसी प्रचार अभियान में शामिल हुए उन्होंने मैदान में उतरे एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार को वित्तीय रसद मुहैया कराकर परोक्ष रूप से प्रचार किया और उस उम्मीदवार को निर्वाचित होने के लिए हर संभव समर्थन दिया.

खराटे ने कहा कि जब यशोमति ठाकुर से अनुरोध किया गया कि यदि आप अभियान में नहीं आ सकती, तो कम से कम दो मिनट का वीडियो बनाकर प्रचार कर दें और सोशल मीडिया पर अपील करे, लेकिन उन्होंने वो तक नहीं किया.

खराटे ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि जिले की कमान संभालने की जिम्मेदारी लेने वाली यशोमती ठाकुर ने न केवल मेरे लिए बल्कि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी जाने से परहेज किया. खराटे ने कहा कि उन्होंने अघाड़ी के धर्म का पालन नहीं किया और इसका परिणाम पूरे जिले को भुगतना पड़ा है. उन्होंने कहा है कि वह इन सभी तरह के मुद्दों को लेकर शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे.