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Amravati Riots: डॉ अनिल बोंडे, प्रवीण पोटे सहित 30 भाजपा नेता निर्दोष घोषित, दो साल बाद आया फैसला


अमरावती: 2021 में जिले में हुए दंगे में राज्यसभा सांसद डॉ अनिल बोंडे, विधायक प्रवीण पोटे को अदालत से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को  जिला और सत्र न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सभी 30 नेताओं को निर्दोष घोषित का दिया है।

ज्ञात हो कि, 12 नवंबर2021 को कथित त्रिपुरा घटना के विरोध में रज़ा अकादमी इस्लामिक फेडरेशन संगठन द्वारा अमरावती में एक मार्च का आयोजन किया गया था। मार्च में शामिल लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ की। इसके विरोध में अगले दिन 13 नवंबर को बीजेपी और हिंदू संगठनों ने अमरावती जिले में तोड़फोड़ के विरोध में मोर्चा निकाला था। राजकमल चौक पर अमरावती शहर के भाजपा नेता विधायक प्रवीण पोटे, अनिल बोंडे, भाजपा प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी, तुषार भारतीय और जगदीश गुप्ता ने भीड़ को संबोधित किया।

इसके बाद बीजेपी का यह आंदोलन हिंसक हो गया। शहर में भारी मात्रा में आगजनी और पथराव हुआ था। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। जिसमें भाजपा के कई नेता घायल हो गए थे। हिंसा के बाद तत्कालीन महाविकास अघाड़ी ने भाजपा के 30 नेताओं के खिलाफ विविध धाराओं में मामला दर्ज किया था। जिसकी सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी।

पुलिस ने 143, 147, 148, 149, 269, 270, 188, 153, 153 (ए), 332, 336, 353, 427, 435, 135 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 4, 25 आर्म्स एक्ट के तहत सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। आरोपी की ओर से अंग प्रशांत देशपांडे ने पूरी कार्यवाही देखी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाहों से पूछताछ की गयी। अभियुक्तों की ओर से प्रशांत देशपांडे द्वारा सभी गवाहों से जिरह की गई।