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बच्चू कडु ने दिव्यांग मंत्रालय प्रमुख से दिया इस्तीफा, कहा- पद पर रहते काम करना मुश्किल


अमरावती: प्रहार जनशक्ति पार्टी प्रमुख बच्चू कडु ने दिव्यांग कल्याण अभियान के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपना इस्तीफा भेजते हुए कडु ने कहा कि, "दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास के लिए मंत्रालय का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। मुझे लगता है कि पद पर रहते हुए इस काम के होने की संभावना कम होती जा रही है।" कडु ने कहा, "दिव्यांगों के साथ बेईमानी करना उनके लिए संभव नहीं होगा।"

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को अपना त्यागपत्र भेजते हुए उन्होंने महाराष्ट्र में भारत का पहला विकलांग मंत्रालय बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को धन्यवाद दिया। लेकिन विकलांगों के समग्र विकास के लिए मंत्रालय का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। मुझे नहीं लगता कि मेरे इस विभाग के अध्यक्ष रहते हुए यह काम हो पाएगा। मैं किसी विकलांग व्यक्ति के साथ बेईमानी नहीं कर सकता। इसलिए मैं दिव्यांग कल्याण मंत्रालय के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं। पत्र में यह भी कहा गया है कि उन्हें इसे मंजूरी देनी चाहिए और सहयोग करना चाहिए तथा मुझे दी गई सुरक्षा भी हटा दी जानी चाहिए।

राज्य में दिव्यांगजन मंत्रालय बनाया गया, लेकिन महाराष्ट्र में दिव्यांगों को मिलने वाला मानदेय अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम है। यह वेतन कभी भी समय पर नहीं मिलता। स्थानीय स्वशासन निकाय विकलांगों के लिए उपलब्ध कराए गए 5 प्रतिशत धन को खर्च नहीं कर रहे हैं। इस विभाग के लिए अभी भी कोई अलग मंत्री या सचिव नहीं है। जिले में कोई अलग कार्यालय नहीं है, कोई भर्ती नहीं है। कई अन्य मामले पूरे नहीं हुए हैं। मुझे दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास के लिए आंदोलन करना होगा। बच्चू कडू ने कहा है कि इस पद पर रहते हुए दिव्यांगों के साथ बेईमानी कभी संभव नहीं है, इसलिए मैं इस पद से इस्तीफा दे रहा हूं।

24 मई 2023 को बच्चू कडू को विकलांग कल्याण विभाग का अध्यक्ष चुना गया और उन्हें मंत्री का दर्जा दिया गया। लेकिन, कुछ ही महीनों में उन्होंने सरकार के प्रशासन से नाराजगी जाहिर कर दी थी। बच्चू कडू ने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि वे दिव्यांग अभियान के केवल नाम के अध्यक्ष हैं तथा उन्हें दिव्यांग मंत्रालय द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में भी जानकारी नहीं है।

बच्चू कडू ने 7 जनवरी से अमरावती विभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने वाडा (आवासीय) विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है, जिसमें मांग की गई है कि सरकार किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी की घोषणा करे और चरवाहों की समस्याओं का समाधान निकाले। इसलिए यह स्पष्ट है कि अब वे आने वाले समय में सरकार के खिलाफ मोर्चा संभालेंगे।