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Chandrapur: चंद्रपुर MLC चुनाव में ‘ऑपरेशन नगरसेवक’, 5+5 लाख का फॉर्मुला?


- पवन झबाडे

चंद्रपुर: चंद्रपुर-गडचिरोली-वर्धा स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव का बिगुल बजते ही जिले की राजनीति गरमा गई है। चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी ‘फील्डिंग’ जमानी शुरू कर दी है। इसी बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। चंद्रपुर जिले के कांग्रेस नगरसेवक अचानक ‘नॉट रीचेबल’ हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रति नगरसेवक 10 लाख रुपये की बड़ी ऑफर देकर उन्हें सीधे ‘पर्यटन यात्रा’ पर भेज दिया गया है। इस कथित ‘डील’ को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।मिली जानकारी के अनुसार, गायब नगरसेवकों में सिंदेवाही के नगराध्यक्ष समेत पांच, नागभीड़ के छह और सावली के पांच नगरसेवक शामिल हैं।

5+5 लाख का फॉर्मूला

स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव में फिलहाल जिला परिषद और पंचायत समितियों पर प्रशासक नियुक्त होने के कारण जिले में केवल नगरसेवक ही मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या सीमित होने से हर वोट की कीमत काफी बढ़ गई है।इसी का फायदा उठाते हुए प्रतिद्वंद्वी दल के नेताओं ने कांग्रेस नगरसेवकों से सीधे संपर्क साधा। राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, नगरसेवकों के लिए “गाड़ी में बैठते समय 5 लाख और उतरते समय 5 लाख” का फॉर्मूला तय किया गया है। इसके तहत कथित तौर पर पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी 5 लाख रुपये मतदान के दिन उपस्थित होने पर दिए जाएंगे। गर्मी की छुट्टियों और आगामी चुनाव के बीच यह ‘अर्थपूर्ण पर्यटन यात्रा’ एक साथ पूरी करते हुए नगरसेवकों ने किसी अज्ञात स्थान का रुख किया है, ऐसी चर्चा है।

कांग्रेस खेमे में हलचल, भाजपा की ‘वेट एंड वॉच’ नीति

नगरसेवकों के अचानक गायब होने और उन्हें 10 लाख रुपये की कथित ऑफर मिलने की खबर फैलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में हड़कंप मच गया है। नेताओं ने तत्काल हलचल शुरू की, लेकिन नगरसेवकों के मोबाइल स्विच ऑफ होने और परिजनों को भी उनकी जानकारी न होने से कांग्रेस के प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। अब पार्टी बाकी बचे नगरसेवकों को संभालने की कवायद में जुट गई है।दूसरी ओर भाजपा ने इस पूरे कथित ‘10 लाख पैकेज’ मामले पर चुप्पी साधते हुए ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाई है। 18 जून को मतदान होना है, लेकिन उससे पहले ही शुरू हुई 5+5 लाख की कथित बोली ने इस चुनाव को बेहद चर्चित बना दिया है।