ईंधन संकट पर सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा एक्शन, कड़े निर्देश– 'किसानों को मिले डीजल, जमाखोरों पर हो सख्त कार्रवाई'
अहिल्यानगर (शिर्डी): महाराष्ट्र में गहराते ईंधन संकट के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और विभागीय आयुक्तों को आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर मीडिया द्वारा उठाए गए सवालों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार इस स्थिति को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी कृषि गतिविधियों के लिए जरूरत के मुताबिक डीजल समय पर उपलब्ध कराया जाए और उनके काम में किसी भी तरह की बाधा न आने दी जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सचेत किया है कि किसानों के नाम पर यदि कोई ईंधन की कालाबाजारी या जमाखोरी (होर्डिंग) कर रहा है, तो उस पर पैनी नजर रखी जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।
शिर्डी में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की मांग में अचानक 20 से 30 फीसदी का उछाल आया है। आमतौर पर प्रशासन को हर साल लगने वाले ईंधन का अनुमान होता है, लेकिन मांग में अचानक आई इस भारी तेजी के पीछे किसी गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी गड़बड़ी और जमाखोरी को रोकने के लिए कुछ जिलों में अब गाड़ियों की आरसी बुक (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) की जांच करने के बाद ही डीजल देने की व्यवस्था शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं और सरकार इस अप्रत्याशित संकट पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है।
धार्मिक नगरी शिर्डी में रक्षा क्षेत्र के बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत
ईंधन संकट की समीक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री के इस शिर्डी दौरे के दौरान जिले को एक बड़ी सौगात भी मिली है। अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले के सावलीविहीर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित किए गए एक बेहद महत्वपूर्ण 'तोपखाना गोला-बारूद उत्पादन संयंत्र' (Ammunition Production Project) का उद्घाटन देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों संपन्न हुआ। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिले के पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और पूर्व सांसद सुजय विखे पाटिल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
स्थानीय नेताओं के विशेष प्रयासों से साकार हुए रक्षा क्षेत्र के इस निजी प्रोजेक्ट को जिले के औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस कारखाने के शुरू होने से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे, बल्कि देश की सैन्य ताकत बढ़ने के साथ-साथ अब शिर्डी की पहचान एक प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र के अलावा रक्षा उत्पादन क्षेत्र (Defence Production Hub) के रूप में भी मजबूत होगी।
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