logo_banner
Breaking
  • ⁕ अमित ठाकरे ने आत्महत्या करने वाली छात्रा आकांशा चतुर्वेदी के परिजनों से की मुलाकात, दिया हर संभव मदद का भरोसा; सीएम देवेंद्र फडणवीस किया प्रहार ⁕
  • ⁕ महायुति सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, किसान कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी; दो चरणों में 12.58 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का बड़ा दावा; कहा- देश में बनेगी लॉकडाउन जैसी स्थिति, पेट्रोल-डीजल एक दाम होंगे 150 पार; चुनाव आयोग को बताया भाजपा का दलाल


नागपुर: ईरान-अमेरिका के बीच शुरू युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में आग लगी हुई है। वहीं इसका असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले 14 दिनों में देश में ईंधन के दामों में बढ़ोतरी औसतन सात रूपये से ज्यादा की वृद्धि हुई है। बढ़ते दामों के बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेता विजय वडेट्टीवार ने बड़ा दावा किया है। वडेट्टीवार कहा कि, जिस तरह की परिस्थिति बनी हुई उससे दूर नहीं जब देश में लॉकडाउन जैसी स्थिति बन जाएगी। यही नहीं कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि, "आने वाले दिनों में पेट्रोल की कीमत 170 और डीजल 150 के पार पहुंच जाएगी। वहीं एसआईआर के सवाल पर वडेट्टीवार ने विवादित बयान देते हुए चुनाव आयोग को भाजपा का दलाल बता दिया। 

गुरुवार को नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान वडेट्टीवार ने भाजपा और मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और ईंधन संकट की स्थिति पर तीखा हमला बोला। वडेट्टीवार ने कहा, "देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और आर्थिक अस्थिरता से आम नागरिक परेशान हैं, जबकि केंद्र की भाजपा सरकार धार्मिक ध्रुवीकरण और इवेंटबाजी के जरिए जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रही है।

वडेट्टीवार ने कहा कि, आने वाले डेढ़ महीने में पेट्रोल के दाम 170 रुपये और डीजल के दाम 150 रुपये तक पहुंच सकते हैं। जिस तरह से देश चलाया जा रहा है, उससे साफ दिखाई दे रहा है कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। मध्यमवर्ग, किसान और आम आदमी पूरी तरह पिस रहा है। उन्होंने कहा कि, सरकार जनता को बचाने नहीं बल्कि मारने के लिए आई है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि, अगर ईंधन की कोई कमी नहीं है, जैसा कि सरकार और भाजपा नेता दावा कर रहे हैं, तो कई जगहों पर आरसी बुक देखकर ही डीजल क्यों दिया जा रहा है? किसान को खेती के लिए ट्रैक्टर चलाने हेतु भी आरसी बुक दिखानी पड़ रही है, इससे साफ है कि स्थिति गंभीर है।

वडेट्टीवार ने आगे कहा कि, देश में आने वाले समय में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि, फिलहाल अपने पैसे सुरक्षित रखें और बड़ी निवेश योजनाओं से बचें, क्योंकि भविष्य में आर्थिक संकट और गहरा सकता है।

उन्होंने कहा कि, बैंकों की स्थिति चिंताजनक है और रिजर्व बैंक का पैसा भी सरकार अपनी संपत्ति की तरह इस्तेमाल कर रही है। वहीं एयर इंडिया समेत कई विमान कंपनियों की उड़ानें कम हो रही हैं। नागपुर से भी कुछ सेवाएं बंद होने की आशंका है। उनके मुताबिक यह ईंधन संकट और आर्थिक अस्थिरता के संकेत हैं।

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भी वडेट्टीवार ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि, मनोज जरांगे पाटिल लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन अमल नहीं कर रही। वे मराठा समाज के मुद्दे के लिए लड़ रहे हैं और हम ओबीसी समाज के अधिकारों के लिए लड़ेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार का खजाना खाली हो चुका है और अब बांटने के लिए कुछ बचा नहीं है। ओबीसी वर्ग को आरक्षण में पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि, 85 प्रतिशत आबादी को 50 प्रतिशत आरक्षण और 15 प्रतिशत आबादी को भी 50 प्रतिशत आरक्षण देने जैसी स्थिति बनाई जा रही है। ऐसे में आखिर किसके हिस्से में क्या आएगा, यह बड़ा सवाल है।