'लाडकी बहीण' योजना पर मंडरा रहा है संकट? 26 योजनाएं और 25 नीतियों की होगी समीक्षा
नागपुर/मुंबई: लाडकी बहिण योजना पर क्या अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि सूखे की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र की 26 योजनाओं और 25 नीतियों की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है।
महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना पर फिलहाल सबकी नजरें टिकी हैं। राज्य में सूखे और पानी-चारे की किल्लत की स्थिति के बीच सरकार के सामने एक तरफ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को अतिरिक्त मदद देने की जरूरत है, तो दूसरी तरफ बड़े खर्च वाली योजनाओं के आर्थिक प्रबंधन की चुनौती भी है।
इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार की 26 योजनाओं और 25 नीतियों की समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन योजनाओं पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का खर्च जुड़ा हुआ है और इनके क्रियान्वयन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। ऐसे में इस योजना के लिए राज्य के बजट से बड़े पैमाने पर राशि का प्रावधान करना पड़ता है।
अब सूखे की स्थिति में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त सहायता की जरूरत के बीच, लाडकी बहिण योजना समेत बड़े खर्च वाली योजनाओं के आर्थिक नियोजन और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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