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माणा जनजाति ने की शिवाजी मोघे के असंवैधानिक बयान की निंदा, विरोध में निकाला मोर्चा


अमरावती: पूर्व सामाजिक न्याय मंत्री शिवाजी मोघे द्वारा माणा जनजाति के बारे में की गई असंवैधानिक टिप्पणी के विरोध में बुधवार को चांदूर रेलवे में माना समुदाय ने मार्च निकालकर एसडीओ कार्यालय पर धावा बोला. मार्च का आयोजन आदिवासी माणा जनजाति मंडल और आदिवासी माणा जनजाति छात्र युवा संघ की ओर से किया गया था.

यह मार्च स्थानीय साप्ताहिक बाजार से पुराना मोटर स्टैंड होते हुए एसडीओ कार्यालय पहुंचा. यहां पर उपखण्ड अधिकारी और फिर थाने में ज्ञापन सौंपा गया.

पूर्व सामाजिक न्याय मंत्री शिवाजी मोघे ने 18 सितंबर को नागपुर के सुरेश भट हॉल में आयोजित आदिवासी क्षेत्रबंधन मुक्ति दिवस कार्यक्रम में अपने भाषण में सार्वजनिक रूप से कहा कि माणा जनजाति फर्जी है और अगर कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों में सत्ता में आती है माणा जनजाति को आदिवासियों की सूची से बाहर कर दिया जाएगा.

मोघे का बयान आदिवासी जनजाति का अपमान है और मोघे ने समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की है. इसलिए माणा समाज की ओर से इसका सार्वजनिक तौर पर विरोध किया गया.

माणा समाज ने चेतावनी दी है कि शिवाजी मोघे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे नहीं तो माणा जनजाति सड़कों पर उतरकर उनसे जवाब मांगेगी.