Municipal Corporation Election 2026: नागपुर मनपा में भाजपा की प्रचंड जीत, लगातार चौथी बार सत्ता में हुई काबिज
नागपुर: नागपुर महानगर पालिका चुनाव के नतीजों में एक बार फिर भाजपा का दबदबा साफ़ नजर आया है। जनता ने विकास और स्थिर नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए भाजपा को प्रचंड जनादेश दिया है। 151 सदस्यीय मनपा में भाजपा ने 101 सीटों पर जीत दर्ज कर लगातार चौथी बार सत्ता पर कब्ज़ा जमाया है, जबकि कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ही भाजपा के कई बड़े नेताओं ने भी अपने-अपने प्रभागों में शानदार विजय हासिल की है।
नागपुर मनपा चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान समाप्त हुए, जिसमें 51.58 प्रतिशत मतदान हुआ। 2017 के मुकाबले इस बार करीब दो प्रतिशत मतदान कम हुआ। मतदान समाप्त होने के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया। शुक्रवार को सुबह 10 बजे वोटो की गिनती शुरू हुई। मनपा के सभी 10 जोन के दस केंद्रों पर एक साथ मतगड़ना शुरू हुई।
पहले राउंड के साथ ही भाजपा उम्मीदवारों को बढ़त हासिल हुई। चुनाव आयोग द्वारा जारी के अनुसार, भाजपा ने 151 सीटों मेसे 101 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस मात्र 35 सीट ही जीत पाई। इसी के साथ शिवसेना शिंदे एक, शिवसेना उद्धव दो, एनसीपी अजित पवार एक और अन्य 10 सीटों पर जीत मिली है। भाजपा नेता मायाताई इवनाते, जीतेन्द्र कुकड़े, पिंटू झलके, बाल्य बोरकर, दिलीप दिवे, शिवानी दानी जैसे नेताओं को फिर जीत मिली है। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी के अभिजीत झा जैसे नेताओं को जीत मिली है। इसी के साथ एनसीपी की आभा पांडे और उद्धव गुट के किशोर कुमेरिया जैसे नेताओं को फिर जीत मिली है।
इसी के साथ धर्मपाल मेश्राम, प्रगति पाटिल जैसे बड़े नेताओं को हार का सामना करना पडा हैं। मेश्राम को कांग्रेस के शुभम मोटघरे ने हराया। वहीं प्रभाग 14 में भाजपा उम्मीदवार प्रगति पाटिल को कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत झा ने 231 वोटों से हराया। वहीं प्रभाग 38 में कांग्रेस के गढ़ को भाजपा ने भेद दिया है। भाजपा की माहेश्वरी पटले ने कांग्रेस उम्मीदवार अनीता लरोकर को 1500 से ज्यादा वोटों से हराया।
भाजपा ने अपना गढ़ रखा बरकार
भारतीय जनता पार्टी पिछले 15 साल से मनपा की सत्ता पर काबिज है। सत्ता विरोधी लहर सहित पूर्व नगरसेवको के खिलाफ नाराजगी सहित पिछले तीन साल के प्रशासक राज के कारण इस बार सत्ता में बदलाव की बात कही जा रही थी। लेकिन चुनावी परिणाम पूरी तरह अलग रहे। भाजपा ने 2017 की तरह 2026 में भी प्रचंड जीत हासिल की। खबर लिखे जाने तक भाजपा ने 104 सीटों पर जीत हासिल की। 2017 के चुनाव में भाजपा को 109 सीटों पर जीत मिली थी। पिछले चुनाव के मुकाबले भाजपा को पांच सीटों को नुकसान उठाना पड़ा।सत्ता विरोधी लहर को भुनाने में चूँकि कांग्रेस
2022 में नागपुर महानगरपालिका में प्रशासक राज लागू होने के बाद से शहर के नागरिकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। 2023 में आई बाढ़, सफाई व्यवस्था की बदहाली, बढ़ता प्रदूषण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अनेक मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष देखने को मिला। इन हालातों में कई स्थानों पर पूर्व नगरसेवकों को भी नागरिकों के विरोध का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, कांग्रेस इन जन मुद्दों को चुनावी रूप से भुनाने में नाकाम रही। नतीजा यह रहा कि चुनाव में कांग्रेस को करारी हार झेलनी पड़ी और वह मात्र 35 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। कांग्रेस के दिग्गज नेता अपने अपने क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों को जीताने में असफल हुए।एआईएमआईएम और मुस्लिम लीग की जोरदार कमबैक
नागपुर मनपा चुनाव में सबसे ज्यादा चौकाया एआईएमआईएम और मुस्लिम लीग ने सबको चौकाया है। एआईएमआईएम ने जहां छह सीट हासिल की, वहीं मुस्लिम लीग ने चार सीटें जीती। सबसे महत्वूर्ण नागपुर दंगे के दोषी फहीम खान की पत्नी अलीशा फहीम को भी जीत मिली। सबसे महत्वपूर्ण बहुजन समाज पार्टी को चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी केवल एक सीट ही जीत पाई।
admin
News Admin