कॉकरोच जनता पार्टी' की बढ़ी मुश्किलें: गतिविधियों की CBI जांच और फर्जी वकीलों पर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोरने वाली डिजिटल-राजनीतिक और व्यंग्यात्मक मुहिम 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और उसके संस्थापकों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर इस संगठन की गतिविधियों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई है।
अधिवक्ता राजा चौधरी द्वारा दायर इस याचिका में न केवल इस ग्रुप की गतिविधियों, बल्कि देश में सक्रिय फर्जी वकीलों (Fake Advocates) और फर्जी लॉ डिग्रियों के सिंडिकेट की जांच की भी मांग की गई है।
याचिका में लगाए गए मुख्य आरोप और मांगें:
- अदालती टिप्पणियों का व्यावसायिक इस्तेमाल: याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों और अदालती बहसों को संदर्भ से अलग हटाकर, उनके छोटे-छोटे क्लिप्स बनाकर रील्स, मीम्स और सोशल मीडिया कंटेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
- ट्रेडमार्क का गलत उपयोग: याचिकाकर्ता का कहना है कि अदालती विवाद का फायदा उठाकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से ट्रेडमार्क एप्लीकेशन फाइल की गई हैं, जो संवैधानिक कार्यवाही का खतरनाक व्यवसायीकरण (Commercialisation) है।
- फर्जी वकीलों के खिलाफ जांच की मांग: याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के बयानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कानूनी पेशे में करीब 35-40% फर्जी वकील सक्रिय हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि ऐसे फर्जी डिग्री धारकों और कानूनी प्रणाली के गिरते स्तर की स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाए।
- याचिका में कहा गया: न्यायिक कार्यवाही के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियां कोई अंतिम फैसला नहीं होतीं। इन्हें संदर्भ से अलग कर राजनीतिक ब्रांडिंग, मीम्स बेचने, ट्रेडमार्क का लाभ उठाने या डिजिटल मोनेटाइजेशन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।"
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' और कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा मामला हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई से जुड़ा है। दरअसल, फर्जी डिग्री वाले वकीलों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को लेकर हुई एक बहस के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की एक मौखिक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखी गई थी।
इसी के विरोध और व्यंग्य (Satire) के रूप में सोशल मीडिया रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नाम से एक ऑनलाइन आंदोलन की शुरुआत की। खुद को "बेरोजगारों और आलसियों की आवाज" बताने वाले इस ग्रुप ने चंद दिनों में ही सोशल मीडिया (जैसे इंस्टाग्राम और एक्स) पर लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए और देश में 'मै भी कॉकरोच' ट्रेंड करने लगा।
मामले का मौजूदा स्टेटस
विवाद बढ़ने के बाद इस संगठन की वेबसाइट और मुख्य 'X' हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया है, जिसपर संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार पर तानाशाही का आरोप भी लगाया था। वहीं दूसरी तरफ, अब यह कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गई है। फिलहाल इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई किया जाना बाकी है।
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