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श्वेता महल्ले और संजय गायकवाड़ के बीच जुबानी जंग तेज; भाजपा विधायक के बाप वाले जश्न पर शिवसेना नेता का पलटवार, कहा- समय पर बताऊंगा कौन है असली बाप?


बुलढाणा: बुलढाणा जिले में सत्तारूढ़ महायुति के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। भाजपा विधायक श्वेता महाले और शिवसेना विधायक संजय गायकवाड के बीच चल रहा जुबानी विवाद अब और तीखा होता दिखाई दे रहा है। दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर सीधे नाम लिए बिना निशाना साधा जा रहा है। वहीं भाजपा विधायक महल्ले के बाप वाले गाने पर शिवसेना नेता ने पलटवार किया है। गायकवाड़ ने कहा कि, "समय आने पर बताऊंगा की राजनीति में असली बाप कौन है?

कहाँ से शुरू हुआ पूरा विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री के निजी सचिव तथा श्वेता महाले के पति विद्याधर महाले के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद हुई। 
कार्यक्रम में बड़ी रैली और शक्ति प्रदर्शन के बाद श्वेता महाले ने कथित तौर पर बिना नाम लिए अपने राजनीतिक विरोधियों को चुनौती दी थी। शक्ति प्रदर्शन के दौरान श्वेता महल्ले ने बाप तो बाप रहेगा गाने पर जश्न मनाया और धनुष बाण चलाने का इशारा भी किया। 

इसके बाद इस प्रदर्शन को संजय गायकवाड के खिलाफ अप्रत्यक्ष राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जाने लगा। 
कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने को लेकर भी श्वेता महाले ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कथित तौर पर यह सवाल किया था कि क्या रैली से घबराकर बिजली बंद की गई? साथ ही उन्होंने अपने विरोधियों को सामने आकर मुकाबला करने की चुनौती भी दी थी।

गायकवाड़ का तीखा प्रहार 
भाजपा नेता के प्रहार पर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने तीखा पलटवार किया है। 
 गायकवाड़ ने ‘बाप तो बाप रहेगा’ गाने का संदर्भ लेते हुए कहा कि इस तरह की बातों का जवाब राजनीति में सही समय पर दिया जाएगा। गायकवाड़ ने कहा, “अगर कोई आदमी कहे, ‘पिता तो पिता ही रहेगा’ तो यह अच्छी बात है। अगर कोई औरत कहे, ‘मैं पिता हूँ’ तो मुझे अपने पिता जैसा शरीर कहाँ से मिलेगा? क्या यह कहना सही है?” इसके बाद उन्होंने कहा कि राजनीति में असली ‘बाप’ कौन है, यह उचित समय आने पर दिखा दिया जाएगा। गायकवाड के इस बयान को श्वेता महाले पर सीधे राजनीतिक पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, गायकवाड ने यह भी कहा कि श्वेता महाले उनके लिए बहन जैसी हैं और उनके साथ उनके व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं। उनका कहना है कि व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं, जबकि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह। 

रैली के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के मामले में अपना पक्ष रखते हुए संजय गायकवाड ने कहा कि उन्हें किसी रैली से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी रैलियां लोगों ने पहले भी देखी हैं और वह किसी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन से डरने वाले नहीं हैं। बिजली कटौती को तकनीकी मामला बताते हुए उन्होंने इस घटना से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया। गायकवाड ने यह भी दावा किया कि जिस समय कार्यक्रम हुआ, उस दौरान वह कर्नाटक में थे। ऐसे में बिजली बंद करवाने के आरोपों से उनका कोई संबंध नहीं है।


जन्मदिन की रैली पर भी साधा निशाना
संजय गायकवाड ने विद्याधर महल्ले के जन्मदिन पर आयोजित बड़े कार्यक्रम और रैली को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति है, तब जन्मदिन के नाम पर बड़े पैमाने पर पैसा खर्च करने के बजाय जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने जन्मदिन के कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को पैसे देकर बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को शुभकामनाओं के लिए काम पर लगाने की जरूरत भी नहीं होती। उनके मुताबिक, जो शुभकामनाएं दिल से मिलती हैं, वही वास्तविक होती हैं।


‘बुलढाणा में भाजपा बढ़ाएं, हम चिखली में शिवसेना बढ़ाएंगे’

बुलढाणा और चिखली विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और शिवसेना के राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी गायकवाड ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को बुलढाणा में अपना संगठन मजबूत करना चाहिए और शिवसेना चिखली में अपनी ताकत बढ़ाएगी। गायकवाड के मुताबिक, यदि दोनों दल अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत होते हैं तो इसका फायदा महायुति को ही मिलेगा। ऐसे में आपसी विरोध की जरूरत नहीं है। हालांकि, इसी दौरान उन्होंने भाजपा को कांग्रेस के साथ जाने को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्थानीय भाजपा कांग्रेस के साथ न जाए।