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भिड़े का जवाहरलाल नेहरू पर विवादित बयान, बोले- अखंड हिनुस्तान में उनका कोई योगदान नहीं


यवतमाल: अखण्ड हिंदुस्तान के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू का योगदान रत्ती भर भी नहीं है। वह बिना किसी उपलब्धि के भारत के प्रधान मंत्री बन गए। श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान प्रमुख भिड़े आज शनिवार को यवतमाल दौरे पर पहुंचे थे। जहां बलवंत मंगल कार्यालय में आयोजित व्याख्यान देते हुए यह बात कही। 

शुक्रवार को अमरावती में महात्मा गांधी पर विवादित बयान देने के बाद सबकी नजरें इस बात पर थीं कि आज संभाजी भिड़े यवतमाल में क्या कहते हैं। लेकिन आज के व्याख्यान में उन्होंने महात्मा गांधी पर टिप्पणी करने से परहेज किया। इसके बजाय, व्याख्यान में अखंड हिंदुस्तान के प्रति प्रेम के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा गया। नेहरू को भारत से कोई प्यार नहीं था।

भिड़े ने इस बात पर शर्मिंदगी व्यक्त की कि देश के लिए एक उंगली का भी योगदान दिए बिना नेहरू प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने कहा, "चीन के साथ नेहरू का 'पंचशील' समझौता भारत के लिए घातक था। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने अपनी गलती के कारण भारत को हराया और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को निगल लिया। आज तक किसी ने भी इस भूमि को पुनः प्राप्त करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि सभी जन प्रतिनिधि भी चुप हैं। भिड़े ने कहा, “हिंदुओं को युद्ध विज्ञान की आवश्यकता है। इसके लिए एक अपडेटेड मिलिट्री स्कूल बनाया जाएगा।”

अम्बेडकरवादी संगठनों ने किया विरोध

यवतमाल में भिड़े के व्याख्यान का कई सामाजिक, प्रगतिशील, अम्बेडकरवादी संगठनों ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने शहर में लगे उनके बैनर-पोस्टर फाड़ दिये। कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी कर विरोध जताने की कोशिश की। इस समय पुलिस ने बिपिन चौधरी, सूरज खोबरागड़े, प्रा घनश्याम दरणे, प्रमोदिनी रामटेके, संगीता पवार समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। भिड़े का व्याख्यान कक्ष एक छावनी का रूप ले चुका था।