logo_banner
Breaking
  • ⁕ जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 5 फरवरी को होगा का मतदान, 7 को मतगणना, दो चरणों में होगा चुनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Yavatmal

Yavatmal: शिक्षा का मंदिर शर्मसार: छात्रों को अश्लील वीडियो दिखाने वाले शिक्षक जगदीश दातार निलंबित


यवतमाल: जिले के बाभुलगांव तहसील के माहुली स्थित जिला परिषद स्कूल में शिक्षा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सहायक शिक्षक जगदीश पुरुषोत्तम दातार को छात्रों को अश्लील वीडियो दिखाने, मोबाइल फोन स्कूल टाइम में इस्तेमाल करने और कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना से न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि पूरे जिले में खलबली मच गई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पटकी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से शिक्षक दातार को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, माहुली स्थित इस स्कूल में शिक्षक जगदीश दातार छात्रों को मोबाइल फोन देते थे और उनके सामने अश्लील वीडियो चलाते थे। स्कूल के समय में वे न तो शिक्षण कार्य करते थे, और न ही छात्रों पर कोई ध्यान देते थे।

इतना ही नहीं, उन पर यह भी आरोप है कि वे दूसरे स्कूलों के छात्रों को अपने स्कूल में आने की अनुचित अनुमति देते थे, छात्रों को स्कूल का पोषण लाभ नहीं देते थे, और अश्लीलता की ओर उत्साहित करने जैसे कृत्य करते थे।

जिला परिषद् ने की कड़ी कार्रवाई
इन गंभीर आरोपों की जांच और पुष्टि के बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि निलंबन की अवधि में शिक्षक को हर माह यह प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं है।