logo_banner
Breaking
  • ⁕ 73 लाख किसानों के खातों में 5000 रूपये जमा, CM देवेंद्र फडणवीस बोले- 21 लाख किसानों का कर्जा हुआ माफ़; किसानों के साथ मंत्री मनाएंगे दीपावली ⁕
  • ⁕ सांसद प्रतिभा धनोरकर को श्याम कुमार बर्वे ने मारा थप्पड़! वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, आलाकमान के पास शिकायत दर्ज ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ Nagpur: MD ड्रग्स तस्करों पर एंटी नारकोटिक्स टीम का शिकंजा! गणेशपेठ में 7 ग्राम MD ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Yavatmal

Yavatmal: शिक्षा का मंदिर शर्मसार: छात्रों को अश्लील वीडियो दिखाने वाले शिक्षक जगदीश दातार निलंबित


यवतमाल: जिले के बाभुलगांव तहसील के माहुली स्थित जिला परिषद स्कूल में शिक्षा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सहायक शिक्षक जगदीश पुरुषोत्तम दातार को छात्रों को अश्लील वीडियो दिखाने, मोबाइल फोन स्कूल टाइम में इस्तेमाल करने और कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना से न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि पूरे जिले में खलबली मच गई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पटकी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से शिक्षक दातार को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, माहुली स्थित इस स्कूल में शिक्षक जगदीश दातार छात्रों को मोबाइल फोन देते थे और उनके सामने अश्लील वीडियो चलाते थे। स्कूल के समय में वे न तो शिक्षण कार्य करते थे, और न ही छात्रों पर कोई ध्यान देते थे।

इतना ही नहीं, उन पर यह भी आरोप है कि वे दूसरे स्कूलों के छात्रों को अपने स्कूल में आने की अनुचित अनुमति देते थे, छात्रों को स्कूल का पोषण लाभ नहीं देते थे, और अश्लीलता की ओर उत्साहित करने जैसे कृत्य करते थे।

जिला परिषद् ने की कड़ी कार्रवाई
इन गंभीर आरोपों की जांच और पुष्टि के बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि निलंबन की अवधि में शिक्षक को हर माह यह प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं है।